वीआईपी ट्रेनों के यात्रियों से रेलवे अब स्वाद का रिश्ता कायम करेगा। यात्रियों को अब रोज अलग-अलग स्वाद का नाश्ता और भोजन मिलेगा।
मसलन एक दिन नाश्ते में वेज मंचूरियन मिलेगा तो अगले दिन पनीर हक्का नूडल्स। खाने में एक दिन शाही पनीर तो दूसरे दिन कड़ाही पनीर।
वेज-नॉनवेज सभी में वेराइटी रखी गई है। भोजन में क्षेत्र का भी ध्यान रखा जाएगा। साउथ के यात्री हैं तो किसी दिन इडली तो अगले दिन उपमा, बड़ा, अप्पम।
एसी प्रथम श्रेणी के यात्रियों को नए ताजे फलों को जूस भी दिया जाएगा। मकसद है कि वीआईपी यात्री रेलवे से शिफ्ट न हो सकें।
तीन सूप के स्वाद ले सकेंगे यात्री
पहले चरण में रेलवे राजधानी एक्सप्रेस, दूरंतो एक्सप्रेस और शताब्दी एक्सप्रेस के यात्रियों जोड़ेगा। रेलवे ने इन ट्रेनों के यात्रियों के लिए नया मेन्यू चार्ट लागू किया है। नए मेन्यू में यात्री तीन तरह के सूप के स्वाद ले सकेंगे तो बासमती चावल के पांच रंग मिलेंगे।
कड़ाही पनीर, पनीर कटलेट, शाही पनीर, पनीर दो प्याजा समेत पनीर के पांच आइटम देंगे अलग स्वाद, अलग फ्लेवर।
रेलवे ने लाइसेंसी वेंडरों के लिए शर्तें भी तय की हैं कि प्रथम श्रेणी के यात्रियों का भोजन बोन चाइना क्रॉकरी में सर्व किया जाएगा। स्टेनलेस स्टील कटलरी के साथ कपड़े की नेपकिन दी जाएगी।
रोजाना अलग स्वाद की थाली
अफसर बताते हैं कि नए मेन्यू में सोमवार से शुक्रवार तक यात्रियों को रोजाना अलग स्वाद की थाली मिलेगी। एक दिन पराठा या रूमाली रोटी, अरहर दाल, काबुली चना, कढ़ाई पनीर तो अगले दिन फ्राइड राइस, ब्राउन ब्रेड, वेज मंचूरियन, हक्का नूडल्स। सुबह-शाम के नाश्ते भी अलग-अलग होंगे।
ये होंगे डिश में
कॉटीनेंटल, ब्राउन ब्रेड, ब्वायल्ड वेज, पनीर कटलेट, दाल मखनी, शाही पनीर, पोटैटो फिंगर समेत 50 से अधिक व्यंजन हैं जो सोमवार से शुक्रवार के बीच परोसे जाएंगे। शनिवार से वही क्रम फिर चलेगा।
साउथ इंडियन, मराठी, गुजराती यात्रियों के लिए भी अलग व्यंजन रखे गए हैं। नॉनवेज वालों के लिए चिकन और मछली की कई वेराइटी है। चिकन मंचूरियन, चिकन जलफरेजी जैसे रोचक नाम रखे गए हैं डिश के। आइसक्रीम में वनीला, पिस्ता कुल्फी, बटर स्कॉच, केसर कुल्फी भी रखी गई है।
प्लेन की तरह ट्रेन में मिलेगा ट्रॉली से खाना
प्लेन की तर्ज पर अब आपको ट्रेन में भी खाने की ट्रॉली घूमती नजर आएंगी। पेंट्री स्टाफ इस ट्रॉली से ही आपकी सीट पर खाना पहुंचाएंगे। ट्रेन में खाने की शिकायत के वजह से रेलवे इन दिनों कैटरिंग विभाग को ठीक करने में जुटा है।
एक सर्कुलर जारी करके रेलवे ने कामर्शियल विभाग को यह निर्देश दिया है कि राजधानी, दुरंतो और शताब्दी ट्रेन में इस तरह की व्यवस्था की जाए।
साथ ही, ट्रेन के सभी कोच में मिनी पेंट्री की व्यवस्था की जाए जिसमें डीप फ्रीजर, हॉट ब्वायलर की व्यवस्था हो, ताकि खाने को गर्म रखा जा सके और पेय पदार्थ ठंडा रखा जा सके। खाने को अदब से पेश करने पर विशेष ध्यान देने की बात की गई है।
उत्तर रेलवे के चीफ कामर्शियल मैनेजर कैटरिंग संदीप साइलस ने बताया कि खाना सर्व करने के लिए टॉली को विशेष डिजाइन से तैयार किया जाएगा। ऐसी ट्रॉली होगी जिससे एसी 3 के यात्रियों को भी इसी माध्यम से खाना सर्व किया जा सके। थ्री पी (प्रजेंटेशन, पैकेजिंग और प्रीपेयरेशन) पर खास खास ध्यान दे रहा है।