रेलवे में प्रमोशन के लिए रिश्वत मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच के बाद सीबीआई पूर्व रेल मंत्री पवन कुमार बंसल से इस हफ्ते पूछताछ कर सकती है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बंसल से पूछताछ निलंबित रेलवे बोर्ड सदस्य (स्टाफ) महेश कुमार की नियुक्ति में उनकी भूमिका के इर्दगिर्द रहेगी।
बंसल के भांजे विजय सिंगला पर कुमार से प्रमोशन कराने के लिए 90 लाख रुपये लिए जाने का आरोप है। विजय की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक बवाल बढ़ने पर बंसल को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
हालांकि चंडीगढ़ से कांग्रेस सांसद का कहना है कि उन्होंने महेश कुमार का रेलवे बोर्ड में सदस्य नियुक्त किए जाने में कुछ भी गलत नहीं किया है। रेलवे बोर्ड के सदस्य का पद सरकार में सचिव के बराबर होता है। सीबीआई नियुक्ति से संबंधित सभी फाइलों को हासिल कर चुकी है।
साथ ही वह महेश कुमार, विजय सिंगला और बंसल के निजी सचिव राहुल भंडारी का भी बयान रिकॉर्ड कर चुकी है। जांच एजेंसी इस साल 16 अप्रैल को मुंबई में महेश कुमार के साथ हुई बंसल की मुलाकात के संदर्भ में जुटाए गए सुबूतों से पूर्व मंत्री का सामना कराया जाएगा।
बंसल पर आरोप है कि उनकी 16 अप्रैल को कुमार से मुंबई में मुलाकात हुई थी। जांच एजेंसी का दावा है कि इस मुलाकात के दौरान ही कुमार की नियुक्ति की पुष्टि की गई। महेश कुमार उस समय जनरल मैनेजर (पश्चिम) थे।
सीबीआई सूत्रों का कहना है कि बंसल से पूछताछ के दौरान कुछ टेलीफोनिक इंटरसेप्ट्स पेश किए जाएंगे। दो महीने के निगरानी के दौरान महेश कुमार और विजय सिंगला के बीच हुई बातचीत की करीब 1000 फोन कॉल को इंटरसेप्ट किया गया। इस मामले में सीबीआई अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
इंटरसेप्ट की गई कॉलों में सिंगला, कुमार, मंजूनाथ और संदीप गोयल की हैं। सूत्रों का दावा है कि सीबीआई की सर्विलांस के दौरान सिंगला की लोकेशन ज्यादातर समय पूर्व रेलमंत्री के आवास और रेल भवन की रही है।