प्रमोशन के लिए घूसखोरी के मामले में रेल मंत्री पवन बंसल के इस्तीफे के बीच सीबीआई ने उनसे पूछताछ की अंतिम तैयारी शुरू कर दी है।
रेलवे बोर्ड के सदस्य की नियुक्ति के लिए घूसखोरी के इस मामले में बंसल से अगले कुछ दिनों में ही पूछताछ की जाएगी। सीबीआई ने मन बना लिया है कि जरूरत पड़ी तो बंसल को जांच प्रक्रिया में शामिल करने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी बात की जाएगी।
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि अब तक की जांच में बंसल के इस मामले में शामिल होने के पुख्ता संकेत मिल रहे हैं। सीबीआई को जांच में यह पता लगा है कि 21 अप्रैल को दलाल भांजे अजय सिंगला ने रेलमंत्री के अशोक रोड स्थित सरकारी आवास पर महेश कुमार की बंसल से मुलाकात कराई।
एजेंसी के अनुसार सरकारी आवास पर हुई यह मुलाकात खास थी क्योंकि इसके बाद ही महेश कुमार की रेलवे बोर्ड सदस्य बनने की फाइल तेजी से दौड़ी।
इस मुलाकात के दस दिन बाद यानी 2 मई को महेश कुमार की नई नियुक्ति की अधिसूचना जारी करते हुए उन्हें बोर्ड का सदस्य बना दिया गया। हालांकि इसके पहले 16 अप्रैल को बंसल और महेश कुमार की मुंबई में भी एक मुलाकात हुई।
मुंबई की इस मुलाकात में बंसल के साथ हेलीकाप्टर की स्थानीय उड़ान में महेश कुमार भी उनके साथ सवार थे। सीबीआई हालांकि मुंबई में हुए इस मेल-मिलाप को औपचारिक मुलाकात मानकर ज्यादा तवज्जो नहीं दे रही। एजेंसी खासतौर पर 21 अप्रैल की मुलाकात के बारे में बंसल से पूछताछ करना चाहती है।
बंसल के निजी सचिव राहुल भंडारी की दो दिन की पूछताछ में एजेंसी को कोई खास फायदा नहीं हुआ है। लेकिन महेश और सिंगला की अब तक की पूछताछ के मुताबिक बंसल को ही यह पक्के तौर पर मालूम है कि घूस की रकम का अंतिम प्राप्तकर्ता कौन है।
उधर जांच में तेजी लाते हुए सीबीआई ने रेल मंत्रालय के कम से कम छह बड़े अधिकारियों को भी जांच में शामिल होने का फरमान भेजा है। साथ ही सीबीआई की एक टीम शुक्रवार को रेल भवन पहुंची और मामले से जुड़े कागजात इकट्ठा किए।
एजेंसी ने इस जांच में सख्ती दिखाते हुए यह पता लगाने के लिए जांच कमेटी बना दी है कि आरोपी रेल बोर्ड सदस्य महेश कुमार को सीबीआई छापे की खबर पहले कैसे मिल गई।
सीबीआई को शक है कि महेश कुमार के मुंबई ठिकानों पर छापे से पहले सीबीआई के किसी अधिकारी ने योजना लीक कर दी थी। एजेंसी को जांच में पता चला है कि महेश ने छापे से पहले ही आरपीएफ के एक अधिकारी को अपने घर से सामान हटाने का आदेश दिया था।
500 फोन कॉल खंगाल रही सीबीआई
रेल घूसकांड में दो महीनों की सर्विलांस में इंटरसेप्ट की गईं करीब 1000 फोन कॉल में से अब सीबीआई 500 कॉलों को गहन तरीके से खंगाल रही है। जांच एजेंसी के मुताबिक ये कॉल खास तौर पर रेल मंत्री के भांजे विजय सिंगला, रेलवे बोर्ड के निलंबित सदस्य महेश कुमार और बिचौलियों मंजूनाथ और संदीप गोयल के बीच हुईं।
हवाला के जरिए आई रिश्वत की रकम
सीबीआई जांच के मुताबिक रेल घूसकांड में रिश्वत की पहली किस्त में दी गई 90 लाख रुपये की रकम हवाला के जरिए बंगलूरू से चंडीगढ़ पहुंची थी। मंजूनाथ ने दिल्ली में अपने संपर्कों के जरिए इस रकम का इंतजाम कराया था। इसे सिंगला के पास चंडीगढ़ पहुंचवाया था।
बंसल और महेश कुमार कई बार मिले
सीबीआई के मुताबिक 3 मई से पहले महेश कुमार और पवन बंसल की कम से कम चार मुलाकातें हुई थीं। इनमें एक मुलाकात 16 अप्रैल को हुई थी। सिंगला और महेश कुमार की जान पहचान भी बंसल ने ही कराई थी।
पवन बंसल के रिश्तेदारों की कंपनियों की भी जांच होनी चाहिए। बंसल के केंद्रीय मंत्री बनने के बाद से पिछले पांच सालों में इन कंपनियों की कमाई में अंधाधुंध इजाफा हुआ है। जांच होनी चाहिए कि कहीं ये कंपनियां काले धन को सफेद बनाने में तो नहीं लगी हैं।--सत्यपाल जैन, भाजपा नेता