रेलवे बोर्ड में ठेके पर काम करने वाले 300 चतुर्थ कर्मचारियों की सेवा खत्म कर दी गई है। इन कर्मचारियों को रेलवे बोर्ड ने आउटसोर्स कर रखा था। सालों से ठेके पर काम कर रहे इन कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को रेलमंत्री सदानंद गौड़ा के निवास पर पहुंचकर प्रदर्शन किया व ज्ञापन दिया।
बाद में कर्मचारियों की ओर से केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को भी ज्ञापन दिया गया। उल्लेखनीय है कि रेलवे सहित कई अन्य मंत्रालयों में चतुर्थ श्रेणी व सहायक पद पर कर्मचारियों की सीधी भर्ती न करके सालों से निजी कंपनी के माध्यम से आउटसोर्स किया जा रहा है।
जब भी कंपनी का ठेका संबंधित विभाग या मंत्रालय खत्म कर देते हैं तो कर्मचारियों को भी उनके काम से अलग कर दिया जाता है। भाजपा की सरकार बनने के बाद एक बार फिर ठेका कर्मचारियों को आउटसोर्स करने वाली कंपनियों के कांट्रैक्ट को रद्द किया जा रहा है।