प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार का प्रचार तंत्र मजबूत करने की जिम्मेदारी सूचना और प्रसारण मंत्रालय को सौंप दी है। अब सभी मंत्रालयों की योजनाओं और नीतियों का प्रचार और प्रसार सिर्फ सूचना और प्रसारण मंत्रालय के जरिए होगा।
प्रचार और प्रसार के लिए सोशल मीडिया पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करने को कहा गया है। इसके लिए मंत्रालय की ओर से मंत्रियों से लेकर अफसरों को सोशल मीडिया पर अपडेट रहने की ट्रेनिंग देने की योजना पर भी विचार चल रहा है।
सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने सभी केंद्रीय मंत्रियों को अपनी योजनाओं और नीतियों से संबंधित कदमों की जानकारी उनके मंत्रालय के सोशल मीडिया प्रकोष्ठ के जरिए प्रचारित कराने की गुजारिश की है।
फेसबुक-ट्विटर के जरिए जनता को दे जानकारी
प्रधानमंत्री के निर्देश पर ही जावडेकर ने मंत्रालयों को चिट्ठी लिखी है। दरअसल, मोदी चाहते है कि मंत्री ही नहीं, बल्कि मंत्रालय के सचिव स्तर के अधिकारी भी फेसबुक और ट्विटर के माध्यम से सरकार के कामों की जानकारी जनता को दें।
मोदी का मानना है कि जनता तक सरकार की सेवा आसानी से पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया सबसे बेहतर तरीका है। प्रधानमंत्री के इसी एजेंडे पर काम करते हुए मंत्रालय आगे बढ़ रहा है।
प्रचार और प्रसारण के अलावा सरकार की योजनाओं के संबंध में जनता का फीडबैक यानी राय लेने का तंत्र भी विकसित किया जाएगा।
मीडिया को जानकारी देने का तरीका क्या?
मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि सत्ता बदलने के बाद सूचना तंत्र बेहद विकसित हो गया है। मंत्रालय के तहत प्रचार और प्रसार के लिए प्रेस सूचना ब्यूरो में भी बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया है।
बेहतर और चुस्त सूचना अधिकारियों को बड़े मंत्रालय दिए गए है, जबकि सुस्त अधिकारियों को छोटे मंत्रालयों के प्रचार का काम दिया गया है।
साथ ही प्रधानमंत्री स्तर की हर शीर्ष स्तरीय बैठक से लेकर मंत्री स्तर की बैठक तक की जानकारी पीआईबी के जरिए प्रेस रिलीज के माध्य्म से तुरंत मीडिया को देने का सिलसिला शुरू हो गया है। अफसरों को सूचना छिपाने की प्रवृति छोड़ने के लिए भी कहा गया है।