पश्चिम बंगाल में करोड़ों के शारदा चिटफंड घोटाले की आंच अब रेल मंत्रालय तक भी पहुंचने लगी है। आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस के पास रेल मंत्रालय रहने के दौरान इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कार्पोरेशन (आईआरसीटीसी) ने शारदा टूर एंड ट्रैवल्स के प्रति काफी उदारता दिखाई थी।
इस दौरान दोनों के बीच एक करार हुआ था। इन आरोपों से नाराज तृणमूल कांग्रेस भी अपने आरोप में आक्रामक हो गई है। पार्टी ने केंद्र पर सीबीआई का राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
तृणमूल कांग्रेस महासचिव मुकुल राय ने कहा कि सीबीआई को पहले ‘कांग्रेस ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन’ कहा जाता था। इस जांच एजेंसी के चरित्र में अब भी कोई बदलाव नहीं आया है।
यह राजनीतिक संगठन के तौर पर काम कर रही है। मालूम हो कि विपक्षी राजनीतिक दलों ने आरोप लगाया है कि आईआरसीटीसी ने शारदा टूर एंड ट्रैवल्स के प्रति काफी उदारता दिखाई थी। इस बारे में पूछने पर राय ने कहा कि उनको इसकी जानकारी नहीं है।
यह ठेका उनके रेल मंत्री बनने से पहले दिया गया था। उन्होंने कहा कि समुचित निविदा प्रक्रिया के तहत ही दोनों के बीच उक्त करार किया गया होगा।
मालूम हो कि राय से पहले दिनेश त्रिवेदी और उनसे पहले खुद ममता बनर्जी ही रेल मंत्री थीं यानी शारदा समूह के साथ करार तृणमूल कांग्रेस के पास मंत्रालय रहने के दौरान ही किया गया था।