रेल घूसकांड में पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल के भांजे विजय सिंगला, उसके दलाल दोस्तों और रेलवे बोर्ड के पूर्व सदस्य की फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग असली है।
500 घंटे की इस फोन रिकार्डिंग की असलियत पर फॉरेंसिक विभाग ने मुहर लगा दी है।
मामले के खुलासे के बाद सीबीआई ने इस रिकॉर्डिंग को जांच के लिए सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (सीएफएसएल) भेजा था।
जांच के नतीजों के मुताबिक रिकॉर्डिंग असली और साफ है। इसमें किसी की आवाज के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है।
सीबीआई के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, सीएफएसएल के नतीजों से यह रिकॉर्डिंग मामले में आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत बन गया है।
इससे अदालत में आरोपियों का बच पाना मुश्किल होगा। इस रिकॉर्डिंग में सिंगला और महेश कुमार की वह बातचीत भी शामिल है जो बंसल के अशोक रोड स्थित सरकारी आवास से फोन पर की गई थी।
गौरतलब है कि इस रिकॉर्डिंग से हासिल सूचनाओं के आधार पर सीबीआई ने सिंगला और उसके साथियों के यहां छापेमारी कर घूस के 92 लाख रुपये बरामद किए थे।
यह घूस महेश कुमार को मेंबर इलेक्ट्रिकल बनाने के लिए दी गई थी। सिंगला ने बंसल का नाम लेकर उनसे काम कराने का वादा किया था।
फोन रिकॉर्डिंग के मुताबिक इस मामले में महेश और दलालों के बीच करीब 12 करोड़ रुपय की डील हुई थी।
हालांकि बंसल की पूछताछ के बाद सीबीआई फिलहाल इस मामले में उनकी संलिप्तता से इंकार कर रही है। लेकिन फॉरेंसिक लैब की मुहर के बाद अदालत बंसल पर सवाल खड़े कर सकती है।
क्योंकि बातचीत में सिंगला और दलालों ने बंसल का नाम कई बार लिया है। गौरतलब है कि इस खुलासे के बाद बंसल को अपनी रेल मंत्री की कुर्सी तक गंवानी पड़ी थी।