लगभग दो महीने की छुट्टी से हाल ही में वापस लौटे कांग्र्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी खुद को सियासी तौर पर फिर से स्थापित करने में जुटे हुए हैं। हालांकि अपरिपक्व होने की छवि को खत्म करना उनके लिए अभी भी मुश्किल माना जा रहा है।
दरअसल राहुल शुक्रवार को दिल्ली स्थित नेपाल दूतावास में वहां पर आए भूकंप में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। मोबाइल फोन से देखकर विजिटर्स बुक में शोक संदेश लिखने के बाद से सोशल साइटों पर कांग्रेस उपाध्यक्ष का मजाक उड़ाया जाने लगा।
भाजपा ने भी इस पर चुटकी ली है। राहुल ने अपने संदेश में भूकंप में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताई और लिखा कि हिंदुस्तान के लोग नेपाल के साथ मजबूती से खड़े हैं।