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ऐसा क्या हुआ जो बदले-बदले दिख रहे राहुल?

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रविवार को किसान रैली से सियासी ‘घर वापसी’ करने वाले राहुल मंगलवार को लोकसभा में बदले-बदले से नजर आए। यह बदलाव उनके शारीरिक हावभाव में भी था तो भाषण देने की कला में भी।
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सदन में दस्तक देते ही पहले अपने में ही सिमटे रहने वाले राहुल गांधी पहली बार सत्ता पक्ष की बेंच की ओर जा कर वरिष्ठ नेताओं से गर्मजोशी से मिलते दिखे।

दूसरी ओर, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अनुपस्थिति के बीच यूथ ब्रिगेड से घिरे राहुल ने किसानों की स्थिति के बहाने सरकार पर तीखा हमला बोला।

करीब 20 मिनट के उनके भाषण में महज आक्रामकता नहीं थी बल्कि राहुल ‘सूट बूट की सरकार’, ‘बड़े लोगों की सरकार’ और ‘आपके पीएम’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर पूरे आत्मविश्वास से कटाक्ष और व्यंग्य का सहारा भी ले रहे थे।
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कटाक्ष और व्यंग्य से दिखाई सियासी चतुराई

इस दौरान विपक्षी हमलों के बीच तनाव में आने की जगह राहुल मुस्कुराते नजर आए। विपक्ष ने जब ‘आपके प्रधानमंत्री’ कहने पर आपत्ति जताई तो सियासी चतुराई दिखाते हुए उन्होंने उल्टा सवाल किया क्या मोदीजी आपके भी पीएम नहीं हैं?

राहुल ने कहा कि राजनीतिक कौशल में माहिर पीएम पता नहीं क्यों 60 फीसदी किसान के बदले महज मुट्ठी भर उद्योगपतियों की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह वर्ग चुनाव में उनके लिए मुसीबतें खड़ी करेगा।

भाजपा नेताओं का पूछा हालचाल
प्रश्नकाल में सदन के स्थगन के दौरान राहुल सोनिया के तत्काल बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का हालचाल जानने उनकी सीट पर पहुंचे। इस दौरान आडवाणी से अभिवादन के बाद केंद्रीय मंत्री रामविलास से हाथ मिलाते हुए बातचीत की।

उन्होंने वेल में ही सत्ता पक्ष के कई सांसदों से बातचीत की। समझा जाता है कि सोनिया ने राहुल की भावी ताजपोशी का संदेश देने के लिए जानबूझ कर भाषण के दौरान उपस्थिति से परहेज किया।
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