राहुल गांधी अगर राजीव गांधी जैसे दिखने और काफी कुछ वैसा ही बर्ताव करने लगें तो आम कांग्रेसी कार्यकर्ता का मनोबल दुगना हो जाएगा। यह कहना है कांग्रेस में दस जनपथ के बेहद करीबी एक नेता का। इस नेता का दावा है कि राहुल जल्दी ही जनता के सामने आएंगे, लेकिन एक बदले हुए रूप में। राहुल के शुरुआती राजनीतिक दिनों में जो लोग उनके भीतर स्वर्गीय राजीव गांधी की छवि तलाशते थे, अब उनकी यह तलाश पूरी होती नजर आ सकती है।
इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के जमाने से परिवार के बेहद निकट रहे इस नेता के मुताबिक राहुल नाराज होकर या रूठकर अज्ञातवास में नहीं गए। बल्कि सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी को विश्वास में लेकर अपने कायापलट की योजना के तहत घर से बाहर गए। अज्ञातवास में राहुल कहां गए इस पर चुप्पी साधने वाले इस कांग्रेसी नेता के मुताबिक अपने दस साल के पिछले राजनीतिक जीवन पर विचार मंथन के साथ साथ राहुल ने इस अज्ञातवास में बहुत कुछ सीखा भी है। उन्होंने देश, पार्टी और परिवार के इतिहास को गंभीरता से जाना और समझा।
अपने व्यक्तित्व, कार्यशैली, व्यवहार, भाषणशैली में कुछ जरूरी बदलाव करने की कवायद भी की है। नेहरु के चिंतन, इंदिरा की दृढ़ता और राजीव की मिलनसारिता को आत्मसात करके खुद को नए रूप में ढालने का प्रयास भी राहुल ने किया है। अमर उजाला से बातचीत में इस नेता ने दावा किया कि लोग अब एक बदले हुए राहुल गांधी का दीदार करेंगे और उनको लेकर जितनी भी भ्रांतियां और गलत धारणाएं फैलाई गर्ईं हैं,सब मिट जाएंगी।