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वीके सिंह के सहारे राहुल का मोदी पर हमला

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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा में असहिष्षुणता पर बहस के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी को निशाने पर लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के एक मंत्री दलितों की तुलना कुत्तों से करते हैं और पीएम मोदी उन्हें मंत्री बनाए रखते हैं।
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इससे पहले अपनी बात की शुरूआत करते हुए राहुल ने कहा कि कुछ दिनों पहले लोकसभा में असहिष्षुणता पर पीएम मोदी ने अपनी बात रखी थी। उस दौरान उन्होंने, महात्मा गांधी, राजेंद्र प्रसाद और सरदार बल्लभ भाई पटेल के योगदान की चर्चा की थी। उन्होंने कुछ शब्द जवाहर लाल नेहरू को लेकर भी कहे। मैं यहीं पर देख सकता हूं कि हमारी सोच में कितना अंतर है।

राहुल गांधी ने कहा कि जिन लोगों का पीएम मोदी ने अपने भाषण में जिक्र किया, उन सभी को मैं इसलिए मानता हूं कि क्योंकि उनकी योग्यता थी कि वो देश के लोगों की आवाज को सुनते थे। वो मेरे हीरो इसलिए भी हैं क्योंकि उनके पास सारे उत्तर ही नहीं होते थे। वो लोगों को सही प्रश्न पूछने के लिए भी प्रेरित करते थे। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान की हम सब सांसदों ने शपथ ली है और उसके अनुसार सभी भारतीयों के हितों की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है।
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राहुल ने पीएम मोदी के मंत्री वीके सिंह पर इशारा करते हुए कहा कि मैं यहां देख रहा हूं और मैं जनरल वीके सिंह को देख नहीं सकता। एक जनरल जिसने दलितों के बच्चों को कुत्तों से जोड़ दिया।

'प्रधानमंत्री शांत रहे और कुछ नहीं बोले'

उसके बाद भी हमारे देश के प्रधानमंत्री ने उन मंत्री महोदय के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। दादरी में मोहम्मद अखलाक की मौत को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा कि एक एयरफोर्स में काम करने वाले व्यक्ति मोहम्मद सरताज के पिता को मार डाला जाता है, पर कोई कुछ नहीं करता है।

अपने पिता की हत्या के बाद सरताज ने कहा कि सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तां हमारा, मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना। इसके बाद भी देश के प्रधानमंत्री शांत रहे और कुछ नहीं बोले।

सरकार स्किल इंडिया की बात करती है और एफटीटीआई के छात्रों के हितों की अनदेखी की जा रही है। एफटीआईआई में एक व्यक्ति के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति को लेकर लोगों की बात भी नहीं सुनी गई। यह सरकार चुपचाप रहकर सबकुछ कुचल देना चाहती है।
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पाकिस्तान फेल हो गया क्योंकि उसने अपने लोगों की आवाज नहीं सुनी

दाभोल्कर, पांसरे और कलबुर्गी को मार डाला जाता है पर सरकार कुछ नहीं कहती है।  प्रधानमंत्री चुप रहते हैं। पूरे देश के सामने गुजरात का मॉडल फेल हो गया है। गुजरात के पटीदार विरोध करते हैं तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आज देश में विरोध का मतलब है कि लोगों को जेल भेज दो। गुजरात में 20,000 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई।

देश के सबसे बेहतरीन साहित्यकारों, कलाकारों और लेखकों ने अपने अवॉर्ड वापस लौटाएं कि वो असहिष्‍षुणत का विरोध कर सकें। पर देश के वित्त मंत्री अरूण जेटली ने उनके विरोध को बनावटी बता दिया।

अरूण जेटली बताएंगे कि यह विरोध क्यों बनावटी है? अरूण जी, यह आपके मेक इन इंडिया की तरह कोई सपना नहीं, बल्कि असलियत है।

देश के प्रधानमंत्री आर्थिक तेजी की बात करते हैं और उनके साथी बालीवुड के सितारों को पाकिस्तान भेजने की बात करते हैं।

भारत आज इसलिए सफल है क्योंकि उसने अपने देश के लोगों को बात करने का मौका दिया और वहीं पाकिस्तान फेल हो गया क्योंकि उसने अपने लोगों की आवाज नहीं सुनी है।

पाकिस्तान इसलिए फेल हो गया क्योंकि वहां के लोगों की आवाजों को कुचल दिया गया। हमारी सबसे बड़ी मजबूती सहिष्‍षुणता और सबसे बड़ी कमजोरी असहिष्‍षुण्ता है। उन्होंने कहा कि मेरा सरकार से अनुरोध है कि गलत पाठ न पढ़ाया जाए। क्या देश के प्रधानमंत्री अपने देश के लोगों की आवाज सुनना शुरू करेंगे? या फिर अपने साथियों को देखते रहेंगे कि किस तरह वो लोगों की आवाज को दबाते हैं। क्या हमारा देश फिर से एक सा‌थ गाने गा सकेगा?


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