असहिष्णुता पर हो रही सदन में चर्चा के दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर तीखे हमले बोले। राहुल ने कहा कि कैबिनेट मंत्री दलितों के बच्चों को कुत्ता बोल देते हैं, साहित्यकारों पर हमले होते हैं और ये सरकार बिल्कुल खामोशी से बैठी होती है।
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राहुल गांधी ने कहा कि यह कैसे संभव है कि सरकार किसी चीज के विरोध में खड़ी हो और ये सब होता रहे। नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि ऐसा कैसे हो जाता है कि नरेंद्र मोदी विदेश में भारत को महात्मा गांधी का देश बताएं और यहां उनके सासंद गांधी के हत्यारे का महिमामंडन करें।
अखलाक का मुद्दा उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि इस देश में अखलाक को सिर्फ इसलिए मार दिया जाता है क्योंकि वह मुसलमान है। ऐसे में आपकी सरकार क्या कर रही होती है।
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राहुल गांधी ने कहा कि जिस तरह का कट्टरपंथ और असहिष्णुता इन दिनों देश में दिख रही वैसा तो पाकिस्तान में होता है। सरकार कम से कम पाकिस्तान से तो न सीखे। असहिष्णुता के मसले पर संसद में राहुल गांधी के अलावा भी कई वक्ताओं ने अपने-अपने विचार रखे।
राजनाथ सिंह ने दिया जवाब
असहिष्णुता लोकसभा में जारी बहस का जवाब देते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि असहिष्णुता का सबसे ज्यादा शिकार भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हुए हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए राजनाथ सिंह ने सिख दंगों से लेकर जम्मू-कश्मीर और तस्लीमा तक का जिक्र किया। गृह मंत्री ने कहा कि असहिष्णुता देश ने केवल तीन बार देखी है एक देश के विभाजन के समय, दूसरा आपातकाल और तीसरी बार 1984
गृहमंत्री ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि देश की धार्मिक समरसता को बिगाड़ने की जिस किसी ने भी कोशिश की तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि हमें असहिष्णु कहा जाता है, हां हम असहिष्णु हैं लेकिन आतंकवाद, भ्रष्टाचार और गंदगी के खिलाफ। राजनाथ सिंह ने कहा कि देश को निर्णय करने दीजिए कि कौन असहिष्णु है और कौन नहीं। 15 मिनट के भाषण से कोई यह तय नहीं कर सकता।
इससे पहले सदन में कांग्रेस ने कहा था कि भाजपा शासित राज्यों में असहिष्णुता की ज्यादा घटनाएं हुई हैं। गृहराज्य मंत्री रिजुजू ने आरोपों को नकारा, कहा कि इस सरकार में अपेक्षाकृत कम घटनाएं हुई हैं।
फिर चर्चाओं में आया गोविंदा का थप्पड़ कांड
बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा का थप्पड़ मंगलवार को एक बार फिर से चर्चाओं में आ गया। गुस्से में आकर गोविंदा ने अपने एक फैन को थप्पड़ मारा था। गोविंदा ने इस बात को लेकर उस फैन से माफी मांगने से मना कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म अभिनेता गोविंदा को उस व्यक्ति से माफी मांगने को कहा है कि जिसे उन्होंने सात साल पहले फिल्म सेट पर थप्पड़ मारा था। कोर्ट ने गोविंदा से कहा कि फिल्म स्टार होने के नाते उन्हें यह शोभा नहीं देता। अच्छा यही है कि गोविंदा उस व्यक्ति से माफी मांग लें।
कोर्ट के आदेश के बाद गोविंदा पहली बार मंगलवार को मीडिया के सामने आए। कोर्ट के इस फैसले पर उन्होंने अपनी राय तो रखी लेकिन किसी भी तरह की माफी मांगने से इंकार कर दिया।
गोविंदा ने कहा कि उन्हें इस मसले पर कोर्ट के फैसले की कॉपी नहीं मिली है। जब आदेश मिलेगा तब इस बारे में सोचेंगे। गोविंदा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पूरी तरह पालन किया जाएगा।
मालूम हो कि 2008 में फिल्मिस्तान स्टूडियो में फिल्म ...मनी है तो हनी है.. की शूटिंग के दौरान गोविंदा ने संतोष नामक एक व्यक्ति को थप्पड़ जड़ दिया था। इसके बाद संतोष ने गोविंदा के खिलाफ मुंबई हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
लोकपाल पर भिड़े केजरीवाल-प्रशांत भूषण
दिल्ली विधानसभा में लोकपाल बिल पास करने को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके पूर्व सहयोगी प्रशांत भूषण आमने-सामने आ गए हैं। प्रशांत ने केजरीवाल को इस बिल पर खुली बहस करने का न्योता दिया है।
इस पर अरविंद केजरीवाल की तरफ से तो कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है लेकिन आम आदमी पार्टी के सदस्य आशीष खेतान ने फेसबुक पर इस बारे में बहस करने के लिए इस बिल का विरोध करने वालों को आमंत्रित किया है। उन्होंने प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव को इस बहस के लिए आमंत्रित किया है।
प्रशांत भूषण ने इस बारे में रेडियो पर एक विज्ञापन भी दिया है। विज्ञापन में प्रशांत भूषण बोल रहा हूं... और इसके बाद प्रशांत भूषण दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को बहस की चुनौती देते हैं।
विज्ञापन भूषण कहते है कि आइए अरविंद बहस कर लेते हैं। इससे जनता को भी पता चल जाएगा कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ। इस पर फैसला जनता को ही करना चाहिए।
इधर अरविंद केजरीवाल के पूर्व सहयोगी अन्ना हजारे भी इस बिल के ड्राफ्ट से सहमत नहीं हैं। उत्तराखंड के बिल को बेहतर बताते हुए अन्ना हजारे ने इस बिल की कई खामियां गिनाने के साथ इसे बेहतर बनाने के लिए कुछ सुझाव भी दिए।
चिदंबरम के बेटे की फर्म पर छापे, चिदंबरम का तीखा जवाब
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री पी चिदंबरम इस बार अपने बेटे की वजह से सुर्खियों में हैं। मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग की टीमों ने पी.चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम की फर्म पर छापे मारे हैं। सूत्रों के अनुसार ये छापे एयरसेल-मैक्सिस घोटाले के संबंध में हैं।
इस मामले को राजनीतिक साजिश बताते हुए पी.चिदंबरम ने मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मुझे निशाना बनाओ पर मेरे बेटे को परेशान मत करो।
पी.चिंदबरम ने कहा कि सरकार मेरे परिवार और मेरे बेटे, उसके मित्रों को परेशान न करें। अगर सरकार को मुझसे कोई समस्या है तो मुझे निशाने पर ले। मेरा बेटा राजनीति में नहीं है। वह व्यवसाय कर रहा है उसे व्यवसाय करने दिया जाए।
उन्होंने कहा कि मैं और मेरा परिवार सरकार की तरफ से जारी इस कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार है। सरकार को कुछ गलत लगे तो वह जैसी चाहे वैसी कारवाई कर सकती है।
चिदंबरम ने कहा कि वो कंपनियां प्रोफेशनल रूप से चलाई जा रही हैं और जांच अधिकारियों के सभी सवालों के जवाब देने के लिए वो स्वतंत्र है।
यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन युवाओं को बड़ी सौगात दी जो पुलिस में जाकर कैरियर बनाना चाहते हैं। पुलिस की भर्तियों में अब एक बड़ा बदलाव हुआ है। यूपी में अब 35 हजार सिपाहियों की भर्ती बिना लिखित परीक्षा के होगी।
सरकार के इस प्रस्ताव पर मंगलवार को यूपी की कैबिनेट ने मोहर लगाई। कैबिनेट की बैठक से निकलने के बाद अखिलेश यादव ने मीडिया के सामने यह घोषणा की।
सिपाही भर्ती के बदले हुए नियमों में ये भर्तियां मार्कशीट के आधार पर होंगी और अभ्यर्थियों को सिर्फ फिजिकल टेस्ट पास करना होगा। अब छात्रों को परीक्षा क्वॉलीफाई करने की जरूरत नहीं होगी।
इस बड़े फैसले के अलावा यूपी में 100 नए जीआईसी खुलेंगे, गोरखपुर में कुश्ती हॉल और एस्ट्रोटर्फ हॉकी मैदान का भी निर्माण भी होगा।