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राहुल की झपकी ने उड़ाई कांग्रेस की नींद

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बजट से एक दिन पहले लोकसभा में महंगाई पर चर्चा के दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की झपकी ने कांग्रेस की नींद उड़ा दी है। सदन की कार्यवाही के दौरान टीवी फुटेज में राहुल सोते हुए नजर आ रहे हैं।
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इस फुटेज के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने में भी देर नहीं लगी। इसके बाद जहां कांग्रेस सफाई देने में जुट गई है, वहीं भाजपा ने तंज कसते हुए कहा कि पिछले दस साल से महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस यही करती रही है।

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी मामले को हद से ज्यादा तूल देने पर जहां भड़के हुए नजर आए, वहीं इस तरह के मुद्दे को उठाने पर उन्होंने हैरानी भी जताई।
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'महंगाई पर चर्चा से बोर हो गए राहुल'

अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, ‘यह सच नहीं है। मैं सभी आरोपों को सिरे से खारिज करता हूं। पिछले सात हफ्तों से नई सरकार निचले स्तर की और बदले की राजनीति कर रही है।’

वहीं भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस पिछले दस साल से इसी तरह सोती रही है। आज जब संसद में महंगाई पर चर्चा चल रही थी, तब कांग्रेस के युवराज सोते रहे।’

उन्होंने कहा, ‘महंगाई और मुद्रास्फीति के मुद्दे पर कांग्रेस चर्चा करने को ही तैयार नहीं है। वे इन शब्दों का इस्तेमाल सिर्फ नारे के रूप में ही करते हैं। कांग्रेस कभी भी इस मुद्दे पर गंभीर नहीं रही। इसी वजह से राहुल गांधी चर्चा के दौरान बोर हो गए और उन्हें नींद आ गई।’
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राहुल के बचाव में उतरी कांग्रेस

हालांकि कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने पलटवार करते हुए कहा कि इस बेकार के मुद्दे को बेवजह ही तूल दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘सबसे पहले यह कोई विवाद नहीं है। यह बहुत ही छोटा और बेकार का मुद्दा है, जिसे बेवजह ही बढ़ाया जा रहा है। अपने 14 साल के संसदीय कैरियर में मैंने भाजपा के कई सांसदों को झपकी लेते हुए या ऊंघते हुए देखा है। कई बार लोग ध्यान से बातें सुनने के लिए आंखें बंद कर लेते हैं। राहुल के साथ भी ऐसा ही है। अटल बिहारी वाजपेयी भी अक्सर सुनते वक्त आंख बंद कर लिया करते थे।’

उन्होंने कहा कि भाजपा के कई सांसद अभी भी संसद में झपकी लेते हैं और उसे ‘कैटनेप’ कहते हैं। यूपीए की सहयोगी पार्टी एनसीपी ने भी राहुल गांधी का पक्ष लेते हुए कहा कि आंखें बंद करने का मतलब सोना नहीं होता है। पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा, ‘संसद में कई लोग अपनी आंखें बंद करते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि वे सो रहे हैं।’
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