कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का 'एंग्री यंगमैन' अवतार संसद में लगातार तीसरे दिन दिखा। लोकसभा में न्यूट्रैलिटी का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार नेट इंटरनेट को उद्योगपतियों में बांट देना चाहती है।
राहुल ने मांग की कि ट्राई के फैसले को रोकना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार सभी को इंटरनेट उपलब्ध कराने के लिए या तो कानून में बदलाव करे या नया कानून बनाए। उल्लेखनीय है दूरसंचार नियामक संस्था ट्राई ने आम लोगों से न्यूट्रैलिटी या नेट तटस्थता पर राय मांगी है।
ट्राई ने एक प्रस्ताव तैयार किया है और लोगों से पूछा है कि टेलीकॉम कंपनियों को हो रहे घाटे के मद्देजनर व्हाट्सएप जैसी ओवर द टॉप सेवाओं के लिए क्यों न अतिरिक्त शुल्क वसूला जाए?
ट्राई ने एक ऐसे बिजनेस मॉडल का सुझाव दिया है, जिसके तहत टेलीकॉम कंपनियों को विशेष शुल्क देकर कोई वेबसाइट उपभोक्ताओं तक आसानी से पहुंच सकती है। टेलीकॉम कंपनियां सर्चिंग में उन्हें वरीयता देंगी और जो वेबसाइट शुल्क नहीं देंगी, उन्हें एक्सेस करना बहुत कठिन होगा।