चार राज्यों में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। साथ ही आम आदमी को संगठन में ज्यादा से ज्यादा जगह देने की बात कही है।
उन्होंने कहा कि पार्टी में बड़े बदलाव करने की जरूरत है और आज ऐसी राजनीति की जरूरत है, जिसमें आम आदमी को जगह मिले।
आम लोगों को संगठन में जगह देने की बात कर पार्टी ने संकेत दिए है कि वह भी आम आदमी पार्टी की तरह सामान्य लोगों को राजनीति में लाने के इच्छुक हैं। वहीं उन्होंने मोदी का नाम तो लिया मगर सिर्फ यह कह कर अपनी बात खत्म कर दी कि वह भाजपा के नेता हैं और वह अपनी सोच से काम कर रहे हैं।
'महंगाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ गुस्सा'
हार को स्वीकारते हुए राहुल ने संगठन और कांग्रेस शासित राज्य सरकारों की कमियों पर बोलने से परहेज किया। वह राजनीतिक प्रणाली को ही दोषी ठहराते नजर आए। सोनिया ने हालांकि देश में महंगाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों के गुस्से की बात को खुलकर माना।
राहुल ने कहा है कि हम देश के लोगों के लिए काम करते हैं और आपका जनादेश सुनना हमारा फर्ज है। हमने समझ लिया आप क्या कहना चाहते है और हम आपकी उम्मीदों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे।
'शीला जी ने अच्छी सरकार दी'
राहुल ने कहा कि दिल्ली में शीला जी ने अच्छी सरकार दी लेकिन पार्टी के तौर पर हमें सुशासन से आगे बढ़कर अपनी प्रणाली में आम आदमी को ज्यादा जगह देनी होगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन को ऐसा बनाऊंगा कि आपको इस पर गर्व होगा। लोग सोच भी नहीं सकते, पार्टी को उतना बदल दूंगा। हमें आम आदमी को मजबूत करना होगा और ये मैं कांग्रेस में बार बार कह रहा था। अब हम पार्टी में आक्रामक ढंग से इसे लागू करेंगे।
'भाजपा हमारे लिए चिंता नहीं'
राहुल ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने लोगों को शामिल किया। परंपरागत दल ऐसा नहीं कर पाए। हमें इससे सबक सीखना चाहिए। राहुल ने कहा कि मोदी भाजपा के नेता हैं। कांग्रेस की देश के लिए एक सोच है। भाजपा की अपनी सोच है। उनका फोकस इस पर रहेगा कि वह देश के लोगों की कैसे मदद करें। भाजपा क्या कर रही है, ये उनकी चिंता नहीं है।