गुजरात दंगों को लेकर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला बोला है। राहुल ने 2002 के दंगों के मामले में कोर्ट से मोदी को क्लीन चिट मिल जाने के भाजपा के दावों को दो टूक खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा कि दंगों को रोकने में नाकामी के लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए। राहुल ने लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत का दावा करते हुए यह भी कहा कि केंद्र में यूपीए-3 की सरकार बनेगी।
राहुल ने कहा कि सियासी हित साधने के लिए भले ही मोदी को क्लीन चिट मिलने की बात कही जा रही हो, लेकिन अभी ऐसा कहना बेहद जल्दबाजी होगी।
राहुल ने उठाए सवाल
उन्होंने मोदी को क्लीन चिट देने वाली एसआईटी की रिपोर्ट को ही दोषपूर्ण बताते हुए कहा कि देश के कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने ही इस पर सवाल उठाए हैं।
अभी तो रिपोर्ट को सबसे निचली अदालत ने ही स्वीकार किया है, ऊपरी अदालतों में इसकी समीक्षा होना तो अभी बाकी है।
राहुल ने यह भी कहा कि एसआईटी के काम करने के तरीके में भी कई खामियां समाने आई थीं। राहुल ने एक इंटरव्यू के दौरान सवालों के जवाब में ये बात कहीं।
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि दंगों को लेकर मोदी को नैतिकता के आधार पर तो जवाब देना ही चाहिए, साथ ही उनकी कानूनी जवाबदेही भी बनती है कि क्यों इन्हें रोक पाने में उनकी सरकार नाकाम रही।
क्लीन चिट पर उठाए सवाल
मालूम हो कि भाजपा ने दावा किया है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित एसआईटी के साथ ही अदालत ने भी दंगों को लेकर मोदी को क्लीन चिट दे दी है, इसलिए अब उन्हें माफी मांगने की कोई जरूरत नहीं है।
राहुल ने कहा कि दंगों में मोदी पर लगे आरोपों और उनके खिलाफ मिले सुबूतों की सही तरह से जांच होना अभी बाकी है। बहुत से अनसुलझे सवाल हैं। देश अभी कई बातें जानना चाहता है।
राहुल ने इस बात को खारिज कर दिया कि लोकसभा चुनाव की जंग मोदी और राहुल के बीच है, उन्होंने कहा कि ये जंग दो व्यक्तियों की नहीं, बल्कि दो तरह के विचारों की है। उन्होंने मोदी को तानाशाही सोच वाला बताते हुए उनके विचारों को देश के लिए खतरनाक बताया।
यूपीए फिर आएगी सत्ता में
राहुल ने अन्य कई मुद्दों पर बात की। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में हमारी क्षमता को कम करके नहीं आंकें, इस बार हम 2009 से अधिक सीटें जीतने में कामयाब होंगे और यूपीए-3 सरकार सत्ता में आएगी।
हालांकि राहुल ने माना कि देश में यूपीए सरकार के खिलाफ माहौल है, लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि जनता उन्हें समर्थन देगी। 2009 में कांग्रेस ने 206 सीट जीती थीं।
1984 के सिख विरोधी दंगों पर राहुल ने अपने पहले के बयान से हुए नुकसान की भरपाई करते हुए कहा कि दंगों को लेकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह माफी मांग चुके हैं और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी खेद जाहिर कर चुकी हैं और मेरी राय भी इस मामले में पार्टी के दोनों नेताओं के समान ही है।
आप को नकारा
मालूम हो कि पहले राहुल ने 84 दंगों को लेकर माफी मांगने से इनकार कर दिया था। दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को धूल चटा चुकी आप को राहुल ने लोकसभा चुनाव में चुनौती मानने से साफ इनकार कर दिया है।
राहुल ने कहा कि आम आदमी पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर कोई मुद्दा नहीं है।
राहुल ने कहा कि आप को दिल्ली में सरकार चलाने का अच्छा मौका मिला था। लेकिन उन्होंने जनता की समस्याएं दूर करने का अपना वादा तो नहीं निभाया, बल्कि भाग गए।