दो महीने सार्वजनिक जीवन से गैरहाजिर रहने के बाद नए अवतार में लौटे राहुल गांधी नए तेवरों के साथ अपनी इमेज बदलने में जुटे हैं। मगर कांग्रेस उपाध्यक्ष में यह बदलाव सिर्फ उनकी कोशिशों का नतीजा नहीं बल्कि उनकी निजी टीम में बड़े फेरबदल की वजह से माने जा रहे हैं।
दरअसल, अब तक अपनी निजी टीम के बलबूते आगे बढ़ने में विश्वास करने वाले राहुल गांधी अब कांग्रेस की टीम पर भी भरोसा कर रहे हैं। राहुल गांधी की टीम में अब तक अहम रहे मोहन गोपाल की भूमिका अब महत्वहीन हो गई है।
माना जा रहा है कि छुट्टियों से लौटने के बाद राहुल उनसे सलाह मशविरा तो दूर मुलाकात तक नहीं कर रहे हैं। कांग्रेस हलकों में चर्चा है कि सचिन राव, अलंकार, कौशल विद्यार्थी की भूमिका घटा दी गई है।
जबकि इससे पहले राहुल के हर कार्यक्रम, मीडिया प्रबंधन और भाषणों को लेकर यह टीम पूरा नियंत्रण रखती थी। सिर्फ कनिष्क सिंह ही उनकी टीम में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
पार्टी के लोगों पर कर रहे हैं विश्वास
पार्टी हलकों में चर्चा है कि वह अब अपने युवा सहयोगियों ज्योतिरादित्य सिंधिया, दीपेंद्र हुड्डा, गौरव गोगोई, कांग्रेस की मीडिया विभाग के चेयरमैन रणदीप सुरजेवाला, कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह और उनकी टीम से अपनी रणनीति से जुड़े कामकाज को लेकर सलाह मशविरा कर रहे हैं।
राहुल गांधी अब पार्टी के लोगों पर विश्वास करने लगे हैं।
पार्टी के एक नेता ने बताया कि बीते रविवार की किसान रैली के बाद मोदी सरकार को घेरने में सफलता के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष का विश्वास और बढ़ा है।
राहुल की टीम में कई बदलाव
एक युवा सांसद ने बताया कि कांग्रेस उपाध्यक्ष संसद में मुद्दों को लेकर गुना से सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और रोहतक से सांसद दीपेंद्र हुड्डा से सलाह मशविरा कर रहे हैं जबकि संसद से बाहर का रणनीति प्रबंधन दिग्विजय सिंह, रणदीप सुरजेवाला और उनकी टीम के हवाले है।
कांग्रेस की मीडिया टीम में कई पेशेवर लोगों को भी शामिल किया गया है। कई पूर्व पत्रकारों, आईटी विशेषज्ञों और पुराने विचारकों को शामिल किया जा रहा है।
मीडिया विभाग के पूर्व अध्यक्ष और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन के समय मीडिया विभाग से जुड़े लोग भी अब राहुल का रणनीतिक प्रबंधन देखने में जुट गए हैं।