पत्रकार वेद प्रताप वैदिक के आतंकी हाफिज सईद से पाकिस्तान में मुलाकात को लेकर लगातार दूसरे दिन भी सियासी घमासान देखने को मिला। कांग्रेस ने दोनों सदनों में इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। जिसके चलते दोनों सदनों कार्यवाही बाधित भी हुई।
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जहां कांग्रेस वेद प्रताप वैदिक को लेकर बीजेपी पर सवाल उठा रही थी, वहीं बीजेपी ने भी 2009 के वैदिक के एक लेख का जिक्र करते हुए उन्हें कांग्रेस का करीबी बता दिया।
2009 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के काबुल दौरे के दौरान वैदिक भी उनके साथ गए पत्रकारों के ग्रुप में शामिल थे। बीजेपी की ओर से उसी समय लिखे गए वैदिक के लेख की कुछ लाइनें राज्यसभा में पढ़ कर सुनाई गई। जिसमें उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तारीफ की थी।
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भले ही बीजेपी ने कांग्रेस को वैदिक के उस लेख से घेरने की कोशिश की हो। लेकिन कांग्रेस लगातार सरकार से वैदिक के मुद्दे पर सफाई मांगती रही। इस मामले में विपक्ष की ओर से ये भी सवाल उठाए गए कि कहीं वैदिक के पाकिस्तान दौरे के पीछे कोई छिपा एजेंडा तो नहीं है।
कांग्रेस के आरोपों पर सरकार की सफाई
वैदिक को लेकर बीजेपी-कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार देखने को मिला। आखिर में कांग्रेस समेत विपक्ष के सवालों से घिरी सरकार को सफाई के लिए आगे आना पड़ा।
विदेश
मंत्री सुषमा स्वराज ने राज्य सभा में कहा कि वैदिक की पाकिस्तान यात्रा और सईद से मुलाकात निजी और व्यक्तिगत
थी।
उन्होंने आगे कहा, "मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ
स्पष्ट कहना चाहती हूं कि वेद प्रताप वैदिक की पाकिस्तान यात्रा या हाफिज
सईद से उनकी मुलाकात से भारत सरकार का दूर-दूर का भी संबंध नहीं है। वैदिक ने ना तो पाकिस्तान जाने से पहले और न ही वहां जाकर
हमें ऐसी कोई सूचना दी कि वह हाफिज सईद से मिलने वाले हैं।"
राहुल बोले RSS के आदमी हैं वैदिक
इससे पहले हाफिज सईद से मुलाकात और कश्मीर को आजाद करने की बात कहकर भारतीय राजनीति में हंगामा खड़ा करने वाले वेद प्रताप वैदिक पर राहुल गांधी ने बड़ा बयान दिया।
राहुल गांधी ने संसद में जाते हुए कहा कि वेद प्रताप वैदिक आरएसएस के आदमी हैं। राहुल ने वैदिक और हाफिज सईद की मुलाकात को भी गलत बताया।
दूसरी ओर कांग्रेस ने इस मुद्दे पर लोकसभा और राज्यसभा दोनों ही सदनों में वैदिक के खिलाफ मोर्चा खोले रखा।
कश्मीर पर भी दिया था विवादित बयान
अपने पाकिस्तान दौरे पर पहले आतंकी हाफिज सईद से मुलाकात के बाद कांग्रेस के निशाने पर आए वरिष्ठ पत्रकार वेद प्रताप वैदिक अपने एक बयान से और विवादों में घिर गए हैं।
पाकिस्तानी निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में वेद प्रताप वैदिक ने कश्मीर को आजाद किए जाने की बात की थी। वैदिक ने इंटरव्यू के दौरान कहा कि भारत को कश्मीर के मुद्दे पर बड़ा दिल रखना चाहिए।
वैदिक ने आगे कहा कि पाकिस्तान अधिकृत और भारत अधिकृत कश्मीर को एक कर देना चाहिए। इस इंटरव्यू के दौरान वैदिक ने ये भी कहा कि जितनी आजादी दिल्ली में बैठे व्यक्ति को मिलती है उतनी ही आजादी कश्मीरियों को भी मिलनी चाहिए।
सरकार ने राहुल के आरोपों को नकारा
राहुल के आरोपों को खारिज करते हुए भारत सरकार ने साफ कर दिया कि वैदिक की इस मुलाकात के बारे में उन्हें किसी प्रकार की कोई जानकारी थी।
सरकार ने कहा कि वैदिक की ये मुलाकात पूरी तरह व्यक्तिगत थी। वहीं अपनी बात से वैदिक ने पलटी मार ली है। संसदीय कार्य मंत्री जीतेंद्र सिंह ने कहा कि जो आरोप राहुल गांधी ने लगाए हैं उसके सबूत हैं तो पेश करें।
वैंकया नायडू ने भी इस पूरे मुद्दे पर कहा कि इस विषय पर गलत खबरें फैलाई जा रही है।
दोनों सदन चढ़े हंगामे की भेंट
वैदिक की मुलाकात के मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में पूरे दिन हंगामा नजर आया। विपक्षी दल सरकार को घेरने के लिए संसद में सवाल उठाते नजर आए।
विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा, जिसके चलते सरकार को सफाई देने के लिए आगे आना पड़ा। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने वेद प्रताप वैदिक की गिरफ्तारी की मांग की।
विपक्ष के सवाल पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हम पूरे मामले की जानकारी लेकर पूरे सदन को अवगत करवाएंगे।
तमाम हंगामे के बाद वेद प्रताप वैदिक ने भी सफाई देते हुए कहा कि मैं किसी पार्टी से जुड़ा हुआ नहीं हूं और न ही आरएसएस से मेरे संबंध रहे हैं। मेरी हाफिज से मुलाकात अचानक हुई है और कांग्रेस इस मुद्दे को उछाल राजनीतिक लाभ लेना चाह रही है।
वैदिक बोले कि भाजपा के साथ संबंधों के आरोप लगाने वाले जान लें कि नरसिम्हा राव से भी मेरे अच्छे संबंध रहे हैं। कई कांग्रेसी नेताओं से भी मेरे अच्छे संबंध रहे हैं।
फिलहाल वैदिक के पाकिस्तान दौरे को लेकर मचा घमासान जल्द थमता नजर नहीं आ रहा है।