पुरुलिया हथियार कांड के मुख्य अभियुक्त किम डेवी पर यहां मुकदमा चलाने के लिए उसके प्रत्यर्पण के संबंध में डेनमार्क के साथ हो रही बातचीत बेनतीजा रही।
डेनमार्क ने इस संबंध में नया प्रस्ताव देने को कहा है जिसकी जांच उनका न्याय विभाग करेगा। केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने पत्रकारों को बताया कि किम डेवी के प्रत्यर्पण पर सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत हुई।
प्रतिनिधिमंडल में मौजूद सूत्र ने बताया कि नया प्रस्ताव भेजने पर भारतीय पक्ष ने निराशा जाहिर करते हुए कहा कि इससे आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया में लाने में देरी होगी।
यह भी कहा गया कि पहले भेजे गए प्रत्यर्पण के निवेदन पर फैसला लेने में डेनमार्क को नौ साल लग गए और नया प्रस्ताव देने के लिए कहने से लगता है कि फिर देर करने की युक्ति अपनाई जा रही है।
इस पर डेनमार्क के दल के प्रमुख जेन्स क्रिश्चियन बुलो ने भरोसा दिलाया कि यदि भारत नया प्रस्ताव देगा तो उस पर फैसला लेने में शीघ्रता की जाएगी।
सूत्रों ने बताया कि सीबीआई ने फिर उनसे दोहराया कि वे मुकदमा चलाने के लिए डेवी को भारत को सौंप दें। अगर उसको कोई सजा सुनाई जाती है तो वह डेनमार्क की जेल में काट सकता है।
गृह सचिव ने भी कहा कि हमारे कानून में ऐसा प्रावधान है कि अगर किसी विदेशी को सजा सुनाई जाती है तो वह अपने देश की जेल में सजा पूरी कर सकता है।