फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

...तो फिर सड़कों पर दिखेगी क्रांति: मीरा कुमार

Tue, 29 Jan 2013 10:35 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने चेताया है कि अगर संसद ने अपना काम सुचारू रूप से नहीं किया, तो वह दिन दूर नहीं जब सड़कों पर हमें जनक्रांति देखने को मिलेगी। इनके रक्तरंजित होने की भी पूरी आशंका है। सुलभ इंटरनेशनल सोशल आर्गनाइजेशन की ओर से आयोजित ‘स्वच्छता का समाज शास्त्र’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ करने के बाद उन्होंने कहा कि समाज में फैली तमाम असमानताओं और कुरीतियों को दूर करने की जिम्मेदारी संसद की है।
विज्ञापन


संसद निर्बाध रूप से चलनी चाहिए ताकि कानून भी अपनी जिम्मेदारी निभाता रहे। उन्होंने कहा कि समाज में निचले पायदान पर खड़े लोगों को उचित सम्मान दिलाने के साथ ऊपर उठाने का काम भी संसद को ही करना होगा, इसलिए उन्हें खुद ही क्रांतिकारी की भूमिका निभानी होगी। सफाई के मुद्दे पर मीरा कुमार ने कहा कि संपूर्ण स्वच्छता अभियान यानी खुले में शौच प्रथा तभी खत्म होगी, जब लोग अपने दिमाग की गंदगी को साफ कर सकेंगे।

देश में जातिवादी व्यवस्था के तहत एक जाति विशेष को स्वच्छता की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। इससे अन्य सभी लोग यह मानकर यहां-वहां गंदगी करते हैं क्योंकि सफाई करने वाले एक जाति के लोग तो हैं ही। स्पीकर ने खुले में शौच की प्रथा रोकने के लिए सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक डा बिंदेश्वर पाठक और उनके संगठन के महत्वपूर्ण योगदान की इस दौरान सराहना भी की।
विज्ञापन


ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने बताया कि स्वच्छता कार्य के लिए सरकार के पास धन की कमी नहीं है, बस इसकी सफलता के लिए जुनून की जरूरत है। केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री भरत सिंह सोलंकी ने कहा कि गंदगी से सबसे ज्यादा नुकसान गरीबों को उठाना पड़ता है। गंदगी भरे वातावरण में रहने वाले लोग बार-बार बीमार पड़ते हैं। देश के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास के लिए स्वच्छता का माहौल बनाना जरूरी है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें