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इतने बवाल क्यों मोल लेते हैं योगी आदित्यनाथ?

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फरवरी 1994 में 22 साल के एक साइंस ग्रेजुएट युवा को 'दीक्षा' दी गई। भाजपा के सांसद महंत अवैद्यनाथ ने इस युवा को गोरखनाथ मंदिर का उत्तराधिकारी घोषित कर दिया।
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उस वक्त गोरखपुर के किसी शख्स ने शायद ही यह सोचा होगा कि यह युवा एक दिन पूरे पूर्वांचल का सबसे चर्चित चेहरा बन जाएगा। हालांकि आज वही युवा शनिवार को होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा का स्टार प्रचारक बन चुका है।

अब इस युवा को पूरे पूर्वांचल में 'महंत जी' के नाम से जाना जाता है और देशभर में योगी आदित्यनाथ के नाम से।

गोरखपुर मंदिर में हुए एक सादे समारोह के बाद इस हिंदुत्ववादी नेता का कद बढ़ने लगा। 1995 में गोरखपुर से 25 किलोमीटर दूर स्थित बयालिसा गांव में तथाकथित कुछ मुस्लिम लड़कों ने एक हिंदू युवक को लूट लिया।
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मुस्लिम बहुल इलाका होने की वजह से कोई इस इलाके में घुसने की हिम्मत नहीं करता था लेकिन जब बात महंत जी के पास पहुंची तो वह अपने कुछ समर्थकों के साथ वहां जा धमके। कहते हैं उनके जाने के बाद ही पुलिस ने इस मामले में कार्यवाई की।

बीजेपी के समानांतर सत्ता खड़ी कर ‌दी

योगी आदित्यनाथ लगातार पांच बार से सांसद हैं और कई बार तो बीजेपी के समर्थन के बिना भी उन्होंने यहां से चुनाव जीता है।

योगी ने इस इलाके में अपनी समांनांतर सत्ता बनाए रखने के लिए हिंदू युवा वाहिनी के नाम से दल का गठन किया और 2012 के विधान सभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी के खिलाफ अपना उम्मीदवार खड़ा कर दिया।

बीजेपी की घटती लोकप्रियता के चलते पार्टी को उनसे समझौता करने को मजबूर होना पड़ा। ये योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता का ही कमाल था कि भाजपा ने पूर्वांचल में उन्हें अपना स्टार कैंपेनर बनाया।

लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी और राजनाथ सिंह के अलावा वह अकेले ऐसे नेता थे जिन्होंने खुद के साथ दूसरे उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार किया।

विवादित मुद्दों पर दिया बयान

इतना ही नहीं भाजपा ने योगी को प्रचार करने के लिए हेलीकाप्टर तक मुहैया कराया। माना जाता है कि उनके हिंदुत्ववादी भाषणों के चलते हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण हुआ और भाजपा कई सीटें जीतने में कामयाब हुई।

यही कारण था कि इस बार के उपचुनावों में भाजपा उम्मीदवारों में योगी ‌आदित्यनाथ की मांग सबसे ज्यादा है। पार्टी ने प्रचार अभियान के लिए जिन तीन नेताओं का दल बनाया है उसमें योगी भी शामिल हैं और उन्हें ही यूपी में प्रचार का नेतृत्व सौंपा गया है।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक योगी को स्टार प्रचारक बनाने की वजह से इलाके के हिंदू वोटों को एकजुट करने में काफी मदद मिल सकती है।

नोएडा और बिजनौर से चुनाव प्रचार की शुरुआत करने वाले योगी ने उस मुद्दे पर खुल कर अपनी राय प्रकट की जिस पर बोलने से बीजेपी के ‌नेता बचते फिरते हैं।
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जलाभिषेक के लिए पहुंचे मुस्लिम बहुल इलाके में

हमीरपुर में प्रचार के दौरान योगी ने कहा कि लव जेहाद जैसी घटनाओं को तभी रोका जा सकता है जब सूबे में बीजेपी की सरकार हो।

गौरतलब है कि योगी को 2013 में पुलिस ने झांसी में प्रवेश करने से रोक दिया था क्योंकि वह मुस्लिम बहुल इलाके में बने एक शिव मंदिर में जलाभिषेक करना चाहते थे।

इस गिरफ्तारी के बाद उन्होंने बयान देते हुए कहा था कि मंदिर को जल्द ही आजाद करवाया जाएगा और मैं खुद उस मंदिर में जलाभिषेक करुंगा।

लखनउ में बिना अनुमति के मुस्लिम बहुल इलाके में प्रचार करने के मामले में पहले से विवाद में आए योगी ने नोएडा में आपत्तिजनक भाषण देकर एक नया बवाल मोल ले लिया है। योगी की रैलियों में 'यूपी में रहना है तो योगी योगी कहना है' जैसे नारे भी लगाए जाते हैं।
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