गुवाहाटी में आयोजित हो रहे साउथ एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी टीम में गोरखपुर की प्रीति दुबे भी खेलेंगी। इनके चयन से शहर के हॉकी खिलाड़ी उत्साहित हैं।
उधर, दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए भी इनका चयन भारतीय महिला हॉकी टीम में हुआ है। रियो ओलंपिक के लिए अगर उनका चयन भारतीय टीम में होता है तो प्रदेश सरकार की तरफ से 10 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
हरपुर बुदहट के भउसा खुजरी के रहने वाले अवधेश कुमार दुबे पूर्वोत्तर रेलवे में सहायक यार्ड मास्टर पद पर कार्यरत हैं। अवधेश के दो बेटे और एक बेटी है। घर की लाडली और सबसे छोटी बेटी प्रीति दुबे को हॉकी खेलने का जुनून कक्षा चार से ही था।
अच्छे प्रदर्शन से सभी को किया प्रभावित
पिता ने उनका एडमिशन रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम गोरखपुर में करा दिया था। वर्ष 2008 में प्रीति का चयन वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज गोरखपुर में हो गया। इसके बाद प्रीति ने हॉकी प्रशिक्षक शशि सिंह और शशि नवेद की देखरेख में हॉकी खेली।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने के कारण भारतीय महिला हॉकी टीम में भी जगह मिलती रही। वर्तमान समय में वह भारतीय महिला हॉकी टीम में मिड फील्ड पोजीशन पर खेल रहीं हैं।
लगातार अच्छे प्रदर्शन से उन्होंने न सिर्फ चयनकर्ताओं बल्कि सीनियर्स को भी प्रभावित किया है। गुवाहाटी में आयोजित साउथ एशियन गेम्स में गोरखपुर के सीनियर हॉकी खिलाड़ियों को उनसे बहुत उम्मीदें हैं।
प्रीति पुरस्कार की प्रबल दावेदार
प्रदेश सरकार ने एलान किया है कि रियो ओलंपिक गेम्स में अगर कोई खिलाड़ी हिस्सा लेता है तो उसे 10 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा गोल्ड जीतने पर छह करोड़, रजत पर चार और कांस्य पदक पर तीन करोड़ रुपये मिलेंगे। खेल के दिग्गज प्रीति के अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए उसे पुरस्कार का प्रबल दावेदार मान रहे हैं।
प्रीति लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है। रियो ओलंपिक में अगर उनका चयन भारतीय हॉकी टीम में होता है तो शासन की तरफ से 10 लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा।
-डॉ. आरपी सिंह, खेल निदेशक