यूपी के रामपुर में बंदियों से भरी गाड़ी शुक्रवार को स्वार रोड पर अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराते हुए पलट गई, जिससे उसमें सवार 21 बंदी और तीन पुलिस कर्मी जख्मी हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। आननफानन में पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने हादसे में घायल बंदियों व पुलिस कर्मियों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। दो पुलिस कर्मियों की हालत गंभीर होने के बाद उन्हें बाहर रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। हालांकि बाद में चालक को निलंबित कर दिया गया है।
जिला कारागार से शुक्रवार की सुबह करीब 10.30 बजे बंदियों से भरी एक गाड़ी कोर्ट में पेशी के लिए रवाना की गई। इस गाड़ी में 41 लोग सवार थे, चालक समेत चार पुलिस कर्मी भी शामिल थे। यह गाड़ी मोरी गेट से गांधी समाधि के लिए मुड़ी तो चालक अचानक अपना नियंत्रण खो बैठा और फिर बंदियों से भरी गाड़ी स्वार रोड पर डिवाइडर से जा टकराई। साथ ही सड़क पर पलट गई। शोर शराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े। इस बीच मामले की जानकारी पुलिस को दी।
सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। एएसपी एके वर्मा व सीओ सिटी आले हसन मय फोर्स के मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने पब्लिक की मदद से गाड़ी में फंसे लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। पुलिस ने सभी घायलों को अस्पताल भिजवाया। जिला अस्पताल में घायलों का इलाज शुरू किया गया। इस बीच गंभीर रूप से घायल पुलिस कर्मी वीरपाल सिंह और सोमपाल सिंह को डाक्टरों ने बाहर रेफर कर दिया।
बाकी बंदियों का यहां पर इलाज शुरू किया गया। घायलों में महिला बंदी भी शामिल थी, लेकिन उन्हें मामूली चोट लगने के बाद वापस जेल भेज दिया गया। इस मामले में दरोगा रामानंद शर्मा की ओर से गाड़ी चालक दुर्गेश गिरी के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिला अस्पताल में भी यहां पुलिस कर्मियों को तैनात कर दिया गया। बंदियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस व पीएसी के जवान यहां तैनात किए गए हैं।
हादसे में ये हुए घायल
-अकील, हरपाल, भूरा, तनवीर, वजीर, परम सिंह, विजयपाल, लालबहादुर, बृजपाल, तोताराम, विजेंद्र, यशपाल, हातम, नंद किशोर, गौरव, कृष्णा, मदन लाल, इकबाल, यासीन।
यह पुलिस कर्मी भी घायल
वीरपाल, सोमपाल, रामानंद शर्मा