वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के मद्देनजर सोमवार को सीर गोवर्धनपुर, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, लंका और छित्तुपर के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, हालांकि कई इलाकों में सुरक्षा के नाम पर छात्रों, अध्यापकों और कार्यक्रम में शामिल होने आए अतिथियों के साथ बदसलूकी की खबरें भी आ रही हैं।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए बीएचयू में जगह-जगह सुरक्षा जांच की जा रही है। पुलिस ने छात्रों के काले रूमाल, काले मोजे और काल इनर तक उतरवा लिए।
बीएचयू सिंहद्वार पर पुलिस ने प्रधानमंत्री के वाराणसी आगमन का विरोध करने की मंशा से गए दो युवकों को काले झंडे के साथ गिरफ्तार किया। प्रधानमंत्री ने रविवदास मंदिर का दौरा किया और प्रसाद छका। हालांकि मंदिर परिसर के पास ही उनके विरोध में प्रदर्शन किया गया।
दो छात्रों को गिरफ्तार किया
पुलिस ने सिंह द्वार के पास से जिन दो छात्रों को गिरफ्तार किया, उनमें एक युवक काशी विद्यापीठ का छात्र है, जिसका नाम विजय प्रताप भारती बताया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक, दोनों के पास रोहित वेमुला के पोस्टर बरामद किए गए हैं। रविदास मंदिर के पास बहुजन समाज पार्टी के लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी का विरोध किया। उन्होंने 'मोदी गो बैक' के नारे लगाए।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लखनऊ दौरे में भी कई संगठनों ने उनका विरोध किया था। लखनऊ में मोदी के कार्यक्रम में ही छात्रों में उन्हें काले झंडे दिखाए थे।
50 से अधिक कार्यकर्ता हिरासत में
वाराणसी में भारतीय मुस्लिम पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री मोदी के विरोध में प्रदर्शन किया। वे हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रशासन की कथित ज्यादतियों के विरोध में आत्महत्या कर चुके शोधछात्र रोहित वेमुला के समर्थन में नारे लगा रहे थे।
उन्होंने मोदी और मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति इरानी के विरोध में भी नारे लगाए। पुलिस ने भारतीय मुस्लिम पार्टी के 50 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
भारतीय विद्यार्थी मोर्चा, बहुजन मुक्ति पार्टी, इंडियन लॉयर्स एसोसिएशन ने संयुक्त रूप में से प्रधानमंत्री के वाराणसी दौरे का विरोध किया। इन संगठन के कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाया।