अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री रहते हुए दिल्ली से मेरठ जाने वाले जिस एक्सप्रेसवे का खाका खींचा था, उसे साकार करने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ठोस कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।
हालांकि, मंत्रालय के ही कुछ अधिकारियों का कहना है कि कुछ वरिष्ठ नौकरशाह एवं राजनेताओं ने प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के आसपास हजारों एकड़ जमीन पहले ही खरीद ली है। इसलिए अब वहां एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है, जिससे कि पहले से खरीदी गई जमीन का वाणिज्यिक दोहन हो सके।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में पिछले दिनों हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में एनएच-58 का गाजियाबाद से उत्तराखंड तक का हिस्सा उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपने का प्रस्ताव देने का फैसला हुआ। इसी दौरान दिल्ली के निजामुद्दीन से मेरठ तक एक्सप्रेसवे बनाने की परियोजना को प्राथमिकता से लागू करने का भी फैसला हुआ।