प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो महीने में दूसरी बार जम्मू-कश्मीर का दौरा किया है। पिछले महीने उन्होंने कटरा रेल लिंक और कटरा के लिए विशेष ट्रेन का उद्घाटन किया था।
मंगलवार को उन्होंने लेह में हाईड्रो पॉवर प्रोजेक्ट परियोजना की नींव रखी और एक अन्य परियोजना का लोकार्पण किया।
लेह में पारंपरिक परिधान में मोदी ने कश्मीर के विकास के लिए कई घोषणाएं की। मोदी ने कहा कि एक वक्त था, जब प्रधानमंत्री कई वर्षों तक कश्मीर की यात्रा नहीं करते थे, लेकिन मैं महीने भर में दूसरी बार कश्मीर आया हूं।
हालांकि मोदी की कश्मीर यात्रा को रियासत के आगामी विधानसभा चुनावों से जोड़ कर देखा जा रहा है।
भाजपा कर रही मिशन 44+ की तैयारी
जम्मू-कश्मीर में कुछ ही महीनों बाद विधानसभा चुनाव होना है। रियासत में अपने संगठन और नेतृत्व को लगातार मजबूत कर रही भाजपा ने विधानसभा चुनावों में बहुमत का लक्ष्य रखा है।
पार्टी मिशन 44+ के लिए लोकसभा चुनावों के बाद से ही तैयारी कर रही है। लोकसभा चुनावों में भाजपा जम्मू-कश्मीर में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। सूबे की 6 सीटों में से पार्टी ने तीन सीटों पर कब्जा जमाया था। शेष तीन सीटों पर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी जीतने में कामायाबी रही थी।
हालांकि वोट प्रतिशत के मामले में पीडीपी, बीजेपी से काफी पीछे रह गई थी। बीजेपी ने 32.4 फीसदी वोट हासिल किए थे, जबकि पीडीपी को 22.9 फीसदी वोट ही मिले थे।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 87 सीटें
लोकसभा चुनावों की ऐतिहासिक जीत के बाद बीजेपी विधानसभा चुनावों में बहुमत का ख्वाब देख रही है। पार्टी का मिशन 44+ इस ख्वाब का ही नतीजा है।
भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि पार्टी विधानसभा चुनावों में लोकसभा जैसा प्रदर्शन दोहराने में कामयाब रही तो सूबे में कम से कम सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरना तो तय है।
दरअसल जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 87 सीटें हैं, जिसमें 37 जम्मू क्षेत्र में, 4 लद्दाख और शेष 46 कश्मीर क्षेत्र में हैं।
लोकसभा चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी
लोकसभा चुनावों में भाजपा ने जम्मू क्षेत्र की सभी दो सीटें और लद्दाख क्षेत्र की एक सीट जीती थी। विधानसभा चुनावों में ये आंकड़ा लागू कर दिया जाए तो भाजपा के हिस्से 41 सीटें आती हैं।
माना जा रहा है कि भाजपा ने इस आंकड़े को ही ध्यान में रखकर मिशन 44+ तैयार किया है। यही वजह है कि भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए किसी भी पार्टी से गठबंधन में रुचि भी नहीं दिखाई है।
उम्मीदवारों की सूची नहीं जारी की
पार्टी ने राज्य में अपने दम पर ही चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने राष्ट्रीय परिषद की बैठक में जम्मू-कश्मीर की दोनों पार्टियों-नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी- को आड़े हाथों लिया था।
उन्होंने कहा था कि जम्मू-कश्मीर की जनता दो परिवार के शासन से ऊब चुकी है।
गौरतलब है कि राज्य की नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी के अहम पदों पर फारूक अब्दुल्ला और मुफ्ती मोहम्मद सईद के परिवार के सदस्य ही काबिज हैं।
हालांकि भाजपा ने अब तब अपने उम्मीदवारों की सूची नहीं जारी की है।