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सवालों की हुई बौछार, मोदी ने दिए रोचक जवाब

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बिजली बचाने के सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऊर्जा संकट दुनिया भर की समस्या बन गया है। बिजली बचाने के कई प्रयास करने होंगे।
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उन्होंने कहा कि बिजली ही नहीं पानी भी बचाना जरूरी है। उन्होंने कहा लड़कियों को घर के नजदीक शिक्षा मिलनी चाहिए क्योंकि शिक्षा की गुणवत्ता बहुत जरूरी है।

मोदी ने कहा हमारे भीतर बालक जीवित रहना चाहिए क्योंकि वह बालक ही हमें जीवित रखेगा। सवाल और जवाब का सत्र खत्म होने के बाद मोदी ने मानेकशॉ ऑडिटोरियम में मौजूद छात्र-छात्राओं से मुलाकात भी की।
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'125 करोड़ देशवासी मेरा परिवार'

मोदी ने कहा, जपान यात्रा में एक प्राइमरी स्कूल में भी गया था। वहां मैंने देखा कि टी‌चिंग बिलकुल भी नहीं है। वहां 100 फीसदी लर्निंग है।

मोदी ने कहा कि महिलाओं की शिक्षा बहुत ही जरूरी है। अगर एक बालिका को शिक्षा दी जाती है तो दो घर शिक्षित होते हैं। एक छात्र ने प्रधानमंत्री से पूछा, देश के विकास में हम कैसे योगदान दे सकते हैं?

मोदी ने छात्र को जवाब दिया-आप सभी अच्छे नागरिक बनें। देश के विकास में इससे बड़ा योगदान नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि देश की सेवा करने का मतलब सेना या राजनीति में आना ही नहीं है। छोटी-छोटी चीजें करने से भी देश सेवा होती है। मोदी से जब एक छात्र ने ये पूछा कि आपने प्रोफेशन के रूप में राजनीति को क्यों चुना।

मोदी ने कहा कि कृपया राजनीति को प्रोफेशन न कहिए। ये एक सेवा है। देश के 125 करोड़ देशवासी मेरा परिवार हैं और में इनकी सेवा कर रहा हूं।

'2024 के चुनावों की तैयारी कीजिए'

एक छात्र ने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा, मैं देश का प्रधानमंत्री कैसे बन सकता हूं।

मोदी ने बहुत ही रोचक अंदाज में सवाल का जवाब दिया। उन्होंने छात्र से कहा, आप 2024 के चुनावों की तैयारी कीजिए। मोदी ने कहा कि अगले 10 सालों तक ये सरकार जाने वाली नहीं है। उन्होंने छात्र से कहाकि आप 2024 का चुनाव लड़िए। आप प्रधानमंत्री बनें तो शपथ ग्रहण में मुझे भी बुलाइएगा।

मोदी ने कहा एक लोकतंत्र में कोई भी चुनाव लड़ सकता है। जनता के भरोसा जीत कर चुनाव जीत सकता है ओर प्रधानमंत्री बन सकता है। उन्होंने सवाल पूछने वाले छात्र से कहा- मेरी शुभकामनाएं आपके साथ है।

'मैं क्लास मॉनिटर का चुनाव भी नहीं लड़ा'

सवाल जवाब के सत्र में प्रधानमंत्री मोदी से कई रोचक सवाल पूछे जा रहे हैं। एक छात्र ने मोदी से पूछा-क्या आपने कभी प्रधानमंत्री बनने के बारे में सोचा था?

मोदी ने जवाब दिया, नहीं, मैं एक साधारण परिवार से हूं। मैंने कभी क्लास के मॉनिटर पोस्ट के ‌लिए नहीं लड़ा। एक छात्र ने मोदी से पूछा- हमसे बात करके आपको क्या फायदा होगा?

मोदी का जवाब- हर चीज फायदे के लिए नहीं की जाती। आज दिन भी टीवी वालों ने बच्‍चों से यही पूछा कि आप प्रधानमंत्री से क्या चाहते हैं। मेरा फायदा यही है कि आज टीवी पर बच्चे बहुत दिखे।

मोदी ने छात्र-छात्राओं से कहा, मैं एक टास्‍क मास्टर हूं। मैं खुद भी बहुत काम करता हूं। मैंने लाल किले से कहा था कि आप 12 घंटे काम करेंगे तो मैं 13 घंटे काम करूंगा।

'गूगल पर जानकारी पाना आसान हैं'

शिक्षक दिवस के अवसर पर माणिक शॉ स्टेडियम में सैंकड़ों छात्र-छात्राओं के बीच मोदी ने क‌हा गूगल पर जानकारी पाना आसान हैं, लेकिन ये ज्ञान प्राप्त करने के बराबर नहीं है।

मोदी ने कहा, प्रधानमंत्री बनने के बाद मुझे मुख्यमंत्री के रूप में काम करने के अनुभव का फायदा मिला। हालांकि अभी बहुत बदलाव नहीं आया है लेकिन हमें अभी बहुत काम करना है।

मोदी ने कहा कि मेरी जिम्‍मेदारियां बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि मेरे जीवन में मेरे अध्यापकों, मेरी शिक्षा और मूल्यों ने अहम भूमिका निभाई है।

'बच्‍चों को तकनीकी से दूर नहीं करना चा‌हिए'

मोदी ने कहा, बच्चों के पास ढेर सारे सपने होंने चा‌हिए। उन्होंने कहा, अगर आप सपने देखेंगे तो जीवन एक भी समस्या आपको कठिन नहीं लगेगे।

मोदी ने कहा, तकनीकी का महत्व बढ़ रहा है, हमें अपने बच्‍चों को तकनीकी से दूर नहीं करना चा‌हिए। अगर बच्चों को तकनीकी से दूर करते हैं तो ये एक साम‌ाजिक अपराध होगा।

मोदी ने कहा कि तकनीकी महत्वपूर्ण हैं, लेकिन शारीरिक ग‌तिविधियों को भी महत्व कम नहीं है। उन्होंने कहा टीवी और कम्‍प्यूटर की दुनिया के बाहर भी एक दुनिया है। उन्होंने छात्रों से पूछा, क्या आप शारीरिक श्रम करते हैं। छात्रों ने हां में जवाब दिया।

'दुनिया को अच्छे अध्यापकों की जरूरत है'

मुझे ये अवसर मिला है क‌ि मैं देश के छात्र-छात्राओं को संबो‌धित करूं। इन्हीं शब्दों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना भाषण आरंभी किया।

मोदी ने कहा, हमें ये सोचना होगा कि लोग अध्यापक क्यों नहीं बन रहे हैं। दुनिया को अच्छे अध्यापकों की जरूरत है। मोदी ने कहा अच्छे अध्यापकों का आयात नहीं किया जा सकता। हमारे बच्‍चे अच्छे अध्यापक बनने के बारे में क्यों नहीं सोच सकते?

मोदी ने कहा कि बच्‍चों पर अध्यापकों का ऐसा असर है कि कई तो अपने अध्यापकों की तरह ही तैयार होते हैं। उन्हीं की तरह बाल झाड़ते हैं। मोदी ने एक बार फिर स्कूलों में टॉयलेट्स की समस्या का उठाया है। मोदी ने कहा कि ऐसे कई स्कूल हैं, जहां लड़कियों के लिए टॉयलेट्स नहीं हैं।

हाल ही जापान की यात्रा से लौटे मोदी ने कह, जापान में लोग खुद ही अपने कमरों और कक्षाओं को साफ करते हैं। हम ऐसा क्यों नहीं कर सकते।

मोदी ने किया अध्यापकों को संबो‌धित

गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षक दिवस को सम्मानित होने वाले 350 शिक्षकों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि अध्यपान जीवन धर्म है। पेशा नहीं हैं। मोदी ने कहा कि गुजरात का पहली बार मुख्यमंत्री बनने पर उनकी दो इच्छाएं थीं। बचपन के दोस्तों और उन सभी अध्यापकों से मिलना। जिन्होंने उन्हें पढ़ाया है।

उन्होंने कहा, मेरी ये दोनों इच्छाएं पूरी हो गई। किसी भी छात्र के जीवन में अध्यापक की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने मजाक में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पुरस्कृत अध्यपाक दिल्ली की हवा से प्रभावित नहीं होंगे। मोदी ने कहा कि अगर समाज को प्रगति करनी है तो अध्यापकों को हमेशा समय से दो कदम आगे रहना होगा। उन्हें दुनिया भर में हो रहे परिवर्तनों की समझ रखनी होगी और उसके अनुरूप नई पीढ़ी को तैयार करना होगा।

उन्होंने कहा कि अध्यापक कभी भी रिटायर नहीं होता है और हमेशा नई पीढ़ी को ज्ञान देने का प्रयास जारी रखता है।
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शिक्षक दिवस पर मोदी भी बने शिक्षक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थोड़ी ही देर में देश भर के छात्र-छात्राओं से रूबरू होंगे। शिक्षक दिवस के अवसर पर मोदी भी एक शिक्षक के रूप में दिखेंगे। बच्‍चों से बातचीत करेंगे, उनसे सवाल करेंगे और उनके सवालों का जवाब देंगे।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने मोदी के भाषण को दिखाने और सुनाने के लिए सभी स्कूलों का इंतजाम करने का निर्देश दिया है। देश के विभिन्न स्कूलों में छात्र-छात्राएं बेसब्री से प्रधानमंत्री मोदी के भाषण का इंतजार कर रहे हैं।

दूरदर्शन और उसके सभी क्षेत्रीय टीवी चैनल समेत मानव संसाधन विकास मंत्रालय और दूरदर्शन की वेबसाइट से मोदी के भाषण का सीधा प्रसारण किया जा रहा है।


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