लीक से हटकर सत्ता संचालन की कोशिशों के तहत शिक्षक दिवस पर बच्चों से सीधे संवाद करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अगला एजेंडा जनता से सीधा संपर्क बनाने का है।
इसके लिए अबकी बार टीवी नहीं बल्कि रेडियो को पीएम तवज्जो देना चाहते हैं। शायद इसीलिए प्रधानमंत्री कार्यालय ने लोगों से रेडियो के जरिए जुड़ने के तौर-तरीकों पर सुझाव मांगे हैं।
जाहिर है कि मोदी केवल शहर ही नहीं बल्कि सुदूर गांव-देहातों में आम आदमी तक अपनी बात पहुंचाने का कोई मौका गंवाना नहीं चाहते।
देश भर में रेडियो की लगभग सौ फीसदी पहुंच है। इसके सहारे अपने संवाद और सरकार के संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए सबसे प्रभावशाली जरिया माना जाता है। इसीलिए प्रधानमंत्री मोदी इस माध्यम का फायदा उठाने का मौका नहीं चूकना चाहते।