लोकसभा में शुक्रवार को दो मंत्रियों की अहम मौके पर अनुपस्थिति ने सरकार की फजीहत करा दी। एक मंत्री की अनुपस्थिति से तो खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेहद असहज और नाराज नजर आए।
दरअसल अनंत कुमार स्पीकर के चुनाव के एक प्रस्तावक के अनुमोदक होने के बावजूद सदन से नदारत थे तो पीयूष गोयल सदन से मंत्रियों के परिचय जैसे अहम मौके पर बिना किसी सूचना के गायब थे।
अनंत कुमार और पीयूष गोयल रहे गायब
अनंत कुमार की अनुपस्थिति के कारण स्पीकर के चुनाव से संबंधित एक प्रस्ताव को प्रोटेम स्पीकर ने खारिज कर दिया। दरअसल लोकसभा में शुक्रवार को स्पीकर का चुनाव और मंत्रियों का सदन से परिचय का अहम कार्यक्रम था।
स्पीकर पद के लिए उम्मीदवार सुमित्रा महाजन के समर्थन में 17 प्रस्तावक और इतने ही अनुमोदक थे। शुरू में तो सब कुछ ठीक ठाक चला, मगर जब पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने 15वें प्रस्तावक के रूप में महाजन के नाम का प्रस्ताव किया तो प्रोटेम स्पीकर कमलनाथ ने अनुमोदन के लिए अनंत का नाम पुकारा। मगर तब अनंत सदन में नहीं थे।
हालांकि इस बीच रेल मंत्री सदानंद गौड़ा ने अनुमोदन करने का प्रस्ताव रखा, मगर कमलनाथ ने इसे अस्वीकार करते हुए 15वें प्रस्ताव को अमान्य करार दे दिया। इस दौरान जहां विपक्ष के सदस्य मुस्कराते दिखे तो वहीं सत्ता पक्ष असहज दिखा।
पीएम बोले बाद में करा देंगे परिचय
इसके थोड़ी ही देर बाद ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने अपनी अनुपस्थिति से सरकार की एक बार और किरकिरी करा दी। हुआ यह कि स्पीकर का चुनाव संपन्न होने के बाद पीएम ने सदन में मंत्रियों का परिचय कराना शुरू किया।
इस क्रम में पीएम ने गोयल का नाम पुकारा। इतना ही नहीं उन्होंने सदन को उनके विभाग की भी जानकारी दे डाली। इसी बीच विपक्ष की ओर से मंत्री की अनुपस्थिति का जब सवाल उठा तो असहज पीएम पीछे मुड़ कर गोयल को ढूंढते दिखे।
उनकी अनुपस्थिति का अहसास होते ही पीएम ने यह कहकर मामले को ठंडा किया कि संबंधित मंत्री का परिचय वह बाद में करा देंगे।
जगदंबिका पाल ने खुद कराई अपनी फजीहत
इन दो घटनाओं से पहले भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने अपनी फजीहत करा ली। हुआ यह कि पाल ने शपथ के लिए पढ़े जाने वाला कागज लेने से इनकार कर दिया। फिर उन्होंने संस्कृत में शपथ लेना शुरू किया, मगर बीच में ही शपथ की पंक्तियां भूल गए।
इस दौरान पाल वेल में पर्चियां तलाशते देखे गए। इस बीच सदन में उपस्थित सदस्यों ने उनकी चौतरफा चुटकी लेना जारी रखा। वैसे भी शपथ लेने के लिए जाते वक्त कई सदस्यों ने उनके चुनाव के वक्त पाला बदलने पर भी चुटकी ली थी।