प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग से मुलाकात के दौरान सोशल मीडिया के जरिए आतंकवाद को रोकने पर चर्चा की। इसके अलावा दुनिया की सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग साइट के सह संस्थापक के साथ उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान के मुद्दे पर भी बातचीत की।
शुक्रवार को प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान जुकरबर्ग ने सरकार के साथ मिलकर स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में काम करने की इच्छा जताई। आधिकारिक बयान के मुताबिक पीएम मोदी ने उनका ध्यान दिलाया कि बहुत सारे आतंकी तत्व सदस्यों की नियुक्ति के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं।
यह बेहद दुर्भाग्यजनक है और हमें यह सोचना होगा कि आखिर आतंकी गतिविधियों को कैसे रोका जाए। मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने के लिए फेसबुक क्लीन इंडिया मोबाइल एप भी तैयार कर रहा है, जो जल्द ही लांच होगा। मानव कल्याण के लिए फेसबुक प्लेटफॉर्म के उपयोग पर भी दोनों के बीच चर्चा की।
इसके अलावा उन्होंने डिजिटल इंडिया कार्यक्रम पर भी बात की और प्रधानमंत्री ने जुकरबर्ग से डिजिटल इंडिया के लिए कुछ ऐसे डोमेन की पहचान करने को कहा है, जहां फेसबुक की मदद ली जा सके।
फेसबुक चीफ ने भी डिजिटल इंडिया अभियान में काफी रुचि दिखाई दी है। मोदी ने इस दौरान चुनाव प्रचार में सोशल मीडिया के इस्तेमाल को भी याद किया। प्रधानमंत्री ने जुकरबर्ग से अपील की वह फेसबुक के जरिए भारत की पर्यटन क्षमता को प्रमोट करें।
दुनिया के सबसे कम उम्र के अरबपति
इससे पूर्व पसंदीदा सोशल नटवर्किंग साइट फेसबुक के संस्थापक और दुनिया के सबसे कम उम्र के अरबपति मार्क जकरबर्ग ने राजस्थान के अलवर जिले के चांदोली गांव के दौरे के दौरान अपील की कि फेसबुक को सनसनीखेज नहीं बनाएं।
उन्होंने कहा कि सोशल नेटवर्किंग साइट के रूप में यह आपसी संपर्क का मंच है और इसका यही रूप बनाए रखना चाहिए। इसे सनसनीखेज सूचनाओं का केन्द्र बनाने का प्रयास नहीं करना चाहिए।
जकरबर्ग ने शुक्रवार को चांदोली में इंटरनेट व्यवस्था का अवलोकन किया और कहा कि गांव के लोगों को इंटरनेट के माध्यम से जुड़ते हुए देखना काफी अच्छा लग रहा है।
गांव पहुंचे जकरबर्ग
उन्होंने कहा कि भारत बहुत अच्छा और अपार संभावनाओं वाला देश है। जकरबर्ग ने यहां बने सायबर विलेज सेन्टर में स्कूली बच्चों व ग्रामीणों से मुलाकात की।
उन्होंने जानने का प्रयास किया कि भारत सरकार इंटरनेट सेवा पहुंचाने में गांव की किस तरह से मदद कर रही है। जुकरबर्ग करीब आधा घंटे गांव में रुके।
गौरतलब है कि गत वर्ष भारत सरकार और एक गैर सरकारी संस्था के सहयोग से चांदोली गांव में सायबर प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। यहां बने केन्द्र में इन्टरनेट और अत्याधुनिक उपकरण लगाकर बच्चों और ग्रामीणों को सायबर तकनीक से अपडेट किया जा रहा है।
भारत में ज्यादा प्रसार करना चाहता है फेसबुक
दुनिया की सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक भारत में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इंटरनेट की सुविधा पहुंचाने पर काम करना चाहती है।
चीन और अमेरिका के बाद भारत में ही उसके सबसे ज्यादा यूजर्स हैं, लेकिन अभी भी भारत में बहुत ही कम लोगों तक इंटरनेट की पहुंच है और इसकी वृद्धि दर भी काफी धीमी है।
भारत के अपने पहले दौरे पर आए फेसबुक के सीईओ व सह संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने शुक्रवार को टेलीकॉम मंत्री रवि शंकर प्रसाद से मिलकर वैकल्पिक तकनीक का इस्तेमाल कर इंटरनेट की पहुंच को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने पर चर्चा की।
करीब एक घंटे चली बैठक के बाद प्रसाद ने कहा कि यह बैठक काफी सफल रही और फेसबुक ने भारत के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम से जुड़ने की इच्छा जताई है।
इंटरनेट से बढ़ेगी भारतीयों की इनोवेशन क्षमता
बैठक के बाद जुकरबर्ग ने कहा, ‘भले ही करोड़ों लोगों को इंटरनेट से जोड़ने से भारत में लोगों का जीवन स्तर नहीं सुधरेगा, लेकिन इससे भारतीय नागरिकों की कल्पना और इनोवेशन की शक्ति बढ़ेगी। हम भारत में इस अवसर को लेकर उत्साहित हैं।’
सूत्रों का यह भी कहना है कि फेसबुक ने प्रसाद से अपने मंत्रालय में एक संपर्क बिंदु स्थापित करने की बात कही, जिसे तुरंत मान लिया गया। फेसबुक के प्रोजेक्टों के लिए टेलीकॉम विभाग के संयुक्त सचिव व आईटी विभाग के संयुक्त सचिव को जिम्मेदारी दी गई है।
फेसबुक ऐसा एप्लिकेशन तैयार करने की प्रक्रिया में भी है, जिससे उपयोगकर्ताओं को इंटरनेट के प्रयोग के लिए कोई पैसा नहीं चुकाना पड़े। कंपनी जांबिंया में एयरटेल के साथ मिलकर ऐसा कर रही है।
टेलीकॉम मंत्री प्रसाद ने फेसबुक के सीईओ से नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क प्रोग्राम में साझेदार बनने का प्रस्ताव दिया, जिस पर जुकरबर्ग तुरंत राजी हो गए। इस कार्यक्रम के तहत 2017 तक ढाई लाख ग्राम पंचायतों को हाई स्पीड ब्रॉडबैंड से जोड़ा जाएगा।