कोलगेट की गायब फाइलों को लेकर संसद में जारी कोहराम जारी थमने के आसार बढ़ गए हैं।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से गायब फाइलों पर स्पष्टीकरण देने की मांग कर रहे भाजपा व लेफ्ट समेत लगभग सभी विपक्षी दलों के मैदान में आ जाने से सरकार को आखिरकार झुकना पड़ा।
गायब फाइलों पर घिरी सरकार बहस और प्रधानमंत्री के स्पष्टीकरण के लिए तैयार हो गई है। इससे गायब फाइलों पर संसद में जारी गतिरोध के टूट जाने के आसार हैं।
राज्यसभा में इस मुद्दे पर शुक्रवार को चर्चा होगी।
इससे पहले राज्यसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के बीच संसदीय कार्य राज्यमंत्री राजीव शुक्ला ने कहा कि इस विषय पर संसद में होने वाली चर्चा में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह हस्तक्षेप कर सकते हैं। तब प्रधानमंत्री सदन में मौजूद थे।
सरकार के इस ऐलान से अब माना जा रहा है कि संसद में कोलगेट पर जारी गतिरोध खत्म हो जाएगा।
इससे पहले राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली नेकहा कि गायब फाइलों को लेकर कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल के बयान से विपक्ष संतुष्ट नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सदन में मौजूद हैं और उन्हें अपनी प्रतिक्रिया देनी चाहिए। अन्ना द्रमुक के वी मैत्रेयन ने इस मसले पर चर्चा के लिए प्रश्नकाल स्थगित करने का नोटिस भी दिया था।
दूसरी ओर लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, माकपा के बसुदेब आचार्य, भाकपा के गुरुदास दासगुप्ता व अन्नाद्रमुक के थंबीदुरई ने भी पीएम से जवाब देने की मांग की, जबकि जदयू के शरद यादव ने मामला यह मामला सुलझाने के लिए सरकार से पहल करने का आग्रह किया।
इस पर संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि सरकार पहले ही कह चुकी है कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर होने वाली चर्चा में दखल दे सकते हैं। कोलगेट की गायब फाइलों को लेकर दोनों सदनों में बृहस्पतिवार को भी भारी हंगामा हुआ।
भाजपा के सदस्य नारे लिखी तख्तियां भी हाथों में लिए थे और पीएम से जवाब देने की मांग करते रहे। इससे लोकसभा में सदन की कार्यवाही स्थगित भी करनी पड़ी।