राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी से देश के शिक्षण संस्थानों में खाली पदों और साल भर हुई नियुक्तियों के बारे में गंभीर सवाल पूछ सकते हैं। राष्ट्रपति ने पांच से छह नवंबर को मानव संसाधन और विकास से जुड़े मुद्दे को लेकर सालाना बैठक बुलाई है।
राष्ट्रपति भवन की ओर से मंत्रालय के पास सालाना बैठक को लेकर जो प्रस्तावित एजेंडा भेजा गया है उसमें देश के शिक्षण संस्थानों में खाली पदों और साल भर की नियुक्तियों के बारे में बैठक से पहले मंत्रालय को जानकारी जुटाने के लिए कहा है। ताकि इन मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हो सके। राष्ट्रपति देश में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर भी गंभीर सवाल पूछ सकते हैं।
स्मृति से इसलिए नाखुश हैं राष्ट्रपति
राष्ट्रपति भले यह बैठक सालाना बुलाते हों लेकिन इस बार बैठक इसलिए अहम हो गई है, क्योंकि मानव संसाधन मंत्रालय के निदेशकों की नियुक्ति के मामले विवादित तरीके से निपटाने से राष्ट्रपति के नाखुश होने की बात सामने आई है।
राष्ट्रपति भवन की ओर से मंत्रालय को भेजे प्रस्तावित एजेंडे में आईआईटी, केंद्रीय विश्वविद्यालय आदि में राष्ट्रपति के प्रतिनिधि यानी विजिटर्स नॉमिनी के बारे में पूछा है।
अभी हाल में ही यह बात सामने आई है कि दिल्ली आईआईटी के निदेशक रहे शेवगांवकर के इस्तीफे के बाद उनको मुक्त करने में मंत्रालय ने मामले को जिस तरह से निपटाया उससे राष्ट्रपति नाखुश थे।
बनेंगे आठ समूह
आईआईटी निदेशकों की नियुक्ति को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय विवादों से घिरा है। आईआईटी रोपड़, भुवनेश्वर और पटना के निदेशकों की नियुक्ति को लेकर प्रख्यात परमाणु विज्ञानी अनिल काकोदकर ने नियुक्ति समिति से इस्तीफा ही दे दिया।
नवंबर में होने वाली बैठक में आठ समूह बनाए जाएंगे। शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर यह समूह चर्चा करेंगे। बैठक में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम का मुद्दा उठ सकता है।
इस बैठक में आईआईटी के निदेशक, केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति, कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति भी मौजूद रहेंगे। सालाना बैठक को राष्ट्रपति भी अलग से संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि इस संबोधन में हाल के विवादित मुद्दों को लेकर अपनी चिंता जाहिर कर सकते हैं।