गुजरात विधानसभा द्वारा पारित विवादित आतंकवाद निरोधी गुजरात कंट्रोल ऑफ टेरेरिज्म एंड ऑर्गेनाइज्ड क्राइम (जीसीटीओसी) बिल 2015 फिर लटक गया है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कुछ अतिरिक्त जानकारी की मांग करते हुए बिल को लौटा दिया है। इससे पहले यूपीए सरकार भी बिल को दो बार नामंजूर कर चुकी है।
राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए पिछले साल सितंबर में यह बिल उनके पास भेजा गया था। गृह मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार राष्ट्रपति ने कुछ प्रावधानों के बारे में और जानकारी मांगते हुए बिल को मंत्रालय के पास भेज दिया है। मंत्रालय गुजरात सरकार से जानकारी लेकर उससे राष्ट्रपति को अवगत करा देगा।
यह बिल 2003 से लटका है। तब नरेंद्र मोदी बतौर मुख्यमंत्री इसे लेकर आए थे। इसमें मोबाइल फोन के इंटरसेप्शन से मिले सबूतों या जांच अधिकारी के सामने अपराध के कबूलनामे को अदालत में स्वीकार्य माना गया है।