राष्ट्रपति ने तेलंगाना के गठन संबंधी बिल पर मुहर लगा दी है।
यूपीए-2 के आखिरी संसद सत्र में पास इस बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी ने देश के 29वें राज्य के गठन का रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया है। अब सरकार तेलंगाना के अलग राज्य बनने की तारीख की औपचारिक घोषणा करेगी।
अगर सरकार आम चुनाव तक तारीख की घोषणा नहीं करती तो चुनाव आयोग एकीकृत आंध्र प्रदेश में ही चुनाव कराएगा। विभाजित आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव तक राष्ट्रपति शासन लागू रहेगा।
राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने शनिवार को राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश को भी हरी झंडी दे दी। तेलंगाना गठन का विरोध कर रहे मुख्यमंत्री किरण रेड्डी के इस्तीफे के बाद राज्यपाल ई एस एल नरसिंहमन ने विधानसभा को निलंबित कर राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की थी।
यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाला आम चुनाव बंटे हुए आंध्र प्रदेश में होता है कि एकीकृत आंध्र प्रदेश में।