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रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी, खास ट्रेनों का कम होगा किराया

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मुसाफिरों पर बोझ बन गईं प्रीमियम ट्रेनों को एक बार फिर लोगों से जोड़ने के लिए रेल मंत्रालय इन ट्रेनों के अधिकतम किराए में भारी कमी करने जा रहा है।
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मांग बढ़ने पर इन ट्रेनों का किराए में आम ट्रेनों के मुकाबले दो सौ से तीन सौ प्रतिशत की बढ़ोतरी हो जाती थी। अब ऐसा नहीं होगा। इनके अधिकतम किराए को एक सीमा में निर्धारित किया जा रहा है।

यही नहीं अब तक इन ट्रेनों का टिकट इंटरनेट से हासिल किया जा सकता था, लेकिन अब इन्हें पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (पीआरएस) यानि कि रिजर्व्ड टिकट खिड़की से भी हासिल किया जा सकेगा। यही नहीं पहले इन ट्रेनों के टिकट रद्द कराने या फिर ट्रेन छूटने की स्थिति में रिफंड की व्यवस्था नहीं थी, लेकिन अब ऐसा होने पर इनका रिफंड का भी प्रावधान किया जा रहा है।
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नहीं हो रही ट्रेनों में भीड़

मंत्रालय की यह योजना इस साल जुलाई माह से परवान चढ़ जाएगी। अभी तक इन ट्रेनों को जोनल रेलवे की डिमांड पर किसी भी रूट पर चलाया जाता था। साथ ही इनका टिकट डायनेमिक प्राइसिंग यानि के हवाई जहाज के टिकट की तर्ज पर निर्धारित किया गया था।

होता यह था कि थर्ड एसी के लिए मांग ज्यादा बढ़ी तो उसका किराया आम ट्रेन के किराए से दो सौ से तीन सौ प्रतिशत अधिक हो जाता था।

यही नहीं कई बार ऐसा भी हुआ कि ऐसी स्थिति में थर्ड एसी का किराया सेकेंड एसी के किराए से अधिक हो जाता था। यही कारण था कि बीते वर्ष मंत्रालय ने 16 सौ प्रीमियम ट्रेनें चलाईं, लेकिन इनमें आठ सौ ट्रेनें ही ऐसी रहीं जो 60 प्रतिशत भीड़ जुटा पाईं।
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प्रीमियम के बजाय तत्काल स्पेशल ट्रेनें बढ़ेंगी

योजना है कि जिन रूटों पर मांग ज्यादा है उन्हीं पर प्रीमियम ट्रेनों को चलाया जाएगा। अभी तक दिल्ली-कोलकाता, दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-बंगलूरू, चेन्नई-बंगलूरू के अलावा कुछ अन्य ऐसे रूट रहे हैं जहां इनकी मांग अधिक रही है।

नई योजना के तहत अन्य रूटों पर प्रीमियम की बजाय तत्काल स्पेशल ट्रेनें ज्यादा चलाई जाएंगी। प्रीमियम ट्रेनों की संख्या कम की जाएगी। यही नहीं इन ट्रेनों की बुकिंग के लिए पहले 15 दिनों का समय दिया जाता था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 30 दिन किया जाएगा।

ऐसा भी नहीं होगा कि मांग के अनुसार एक रूट पर प्रीमियम ट्रेन गई है तो वापसी में भी वह प्रीमियम बनकर आएगी। इसे आम मेल ट्रेन या तत्काल स्पेशल बनाकर चलाया जा सकता है।
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