राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी बृहस्पतिवार को दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर शांति वन में उनके स्मारक वीर भूमि पर नहीं गए। 1991 में राजीव की हत्या के बाद यह पहला मौका था जब राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पुण्यतिथि के मौके पर उन्हें वीरभूमि पर जा कर श्रद्घांजलि नहीं दे पाए।
दरअसल ऐसा मोदी सरकार के उस फैसले के कारण हुआ जिसमें सरकार ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को छोड़ कर अन्य सभी नेताओं की जयंती और पुण्य तिथि से संबंधित कार्यक्रमों से खुद को अलग कर लिया था। बीते साल हुए इस फैसले के बाद राजीव की यह पहली पुण्यतिथि थी। माना जा रहा है कि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति दोनों ही वीरभूमि जाना चाहते थे। मगर एक तो सरकार ने खुद को ऐसे कार्यक्रमों से अलग कर लिया है।