लोकसभा चुनाव में भाजपा के सबसे बड़े दल के रूप में उभरने के अनुमानों के बीच यूपीए की एक मुख्य सहयोगी एनसीपी ने मंगलवार को कहा कि वह देश में स्थायी सरकार चाहती है जो अगले पांच साल तक मजबूती से शासन चलाए।
पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि एग्जिट या ओपिनियन किसी भी पोल की बात करें, सच्चाई यह है कि भाजपा के सबसे बड़े दल के रूप में सामने आने को लेकर एक आम धारणा बनी है।
समर्थन की बात को टाल गए पटेल
पटेल के इस बयान से एनसीपी के पाला बदलने के कयास लगने शुरू हो गए हैं। उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि वह बहुमत के कितने करीब पहुंचती है या उसे सहयोगियों की जरूरत पड़ती है या नहीं।
यह सब 16 मई को स्पष्ट हो जाएगा। एनडीए के 272 के जादुई आंकड़े से कम रहने की स्थिति में भाजपा को समर्थन देने को लेकर पूछे जाने पर पटेल ने कहा कि एनसीपी को लेकर कोई अटकलबाजी नहीं की जानी चाहिए।
'देश को मिले स्थाई सरकार'
उन्होंने कहा कि वे किसी साख स्थिति की ओर नहीं देख रहे हैं। हम यूपीए के भागीदार हैं। इसलिए कोई अटकलबाजी न लगाएं। यह जरूरी है कि जनादेश का सम्मान किया जाए, चाहे वो जो भी हो।
हमारे पास 10 सालों के लिए जनादेश था और इस दौरान देश हित में जो कुछ भी किया जा सकता था उसे हमने किया। इसके बाद अब अगले पांच सालों तक जो भी रिजल्ट रहे एक स्थाई सरकार होनी चाहिए, जो मजबूती से शासन चला सके।