राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और वरिष्ठ नेता व विधायक घनश्याम तिवाड़ी के बीच की अनबन अब पोस्टर युद्ध में बदल गई है। इन दोनों नेताओं के बीच कई सालों से नहीं बन रही थी, लेकिन अब दोनों के बीच का विवाद खुलकर सामने आ गया है।
पोस्टर में तिवाड़ी का दमन करने का आरोप लगाया गया है और सरकार पर भ्रष्टाचारी होने का। पोस्टर में कहा गया है कि आखिर तिवाड़ी के दमन का प्रयास क्यों किया जा रहा है?
इन प्रश्नवाचक पक्तियों के बाद कहा गया है कि पूरे राजस्थान में वही एक व्यक्ति हैं, जिनसे भ्रष्ट राजतंत्र भयभीत है। ऐसे में भाजपा की सरकार पर सीधे तौर पर निशाना साधा गया है। तिवाड़ी से सघर्ष जारी रखने को भी लिखा है।
माना जा रहा है कि पोस्टर तिवाड़ी के समर्थकों ने लगाए हैं। पोस्टर पर जयपुर बचाओ समिति लिखा है, जो पहली बार देखी गई है। इस समिति का पंजीकरण भी नहीं है और न ही किसी पदाधिकारियों का नाम पोस्टर पर अंकित है। इधर भाजपा के नेता कैलाश नाथ भट्ट ने कहा है कि तिवाड़ी समझदार कार्यकर्ता हैं, वे ऐसा नहीं करेंगे।
पिछली भाजपा सरकार में तिवाड़ी केबिनेट मंत्री के रूप में राजे की टीम में रहे। इसके बाद विवाद बढ़ता चला गया और अब सरकार बनने के बाद शुरू से ही तिवाड़ी को मंत्रिमडल से दूर रखा हुआ है। सरकार बनने के बाद तिवाड़ी के केबिनेट मंत्री बनने की चर्चा जोरों पर थी।