राजस्थान में जयपुर, जोधपुर सहित 46 निकायों में चल रहे चुनावी माहौल में कांग्रेस के पायलट यानी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट अकेले खड़े दिखाई दे रहे हैं। विधानसभा और लोकसभा में प्रचंड बहुमत हासिल करनेवाली पार्टी से कांग्रेस एकजुट होकर मुकाबला करने में कोताही बरत रही है।
कांग्रेस के मास लीडर माने जानेवाले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तथा सी.पी. जोशी, बीना काक जैसे वरिष्ठ नेता भी इन चुनावों से किनारा किए हुए हैं।
निकाय चुनावों में कांग्रेस कुछ बिखरी नजर आ रही है। पायलट जरूर अकेले जोर लगा रहे हैं और विभिन्न जिलों में दौरे व सभाएं कर रहे हैं।
अशोक गहलोत को मारवाड़ का गांधी कहा जाता है, लेकिन वे मारवाड़ तक में सक्रिय नहीं हैं। यूपीए सरकार में रेल मंत्रालय, पांचायती राज व हाईवे जैसे मंत्रालय सम्भाल चुके सी.पी. जोशी तो टिकट वितरण के दौरान भी नजर नहीं आए थे और यही हाल शहरी विकास मंत्री रही गिरिजा व्यास का है।
राजस्थान की कांग्रेस सरकार में दो बार केबिनेट मंत्री रहीं बीना काक भी पिछली बार पाली जिले से जीती थीं, लेकिन टिकट वितरण के बाद वे भी जयपुर लौट आई हैं। कांग्रेस ने उन्हें जयपुर में निकाय चुनाव की मॉनिटरिंग का जिम्मा सौंपा है, लेकिन वे प्रचार में हिस्सा नहीं ले रहीं।