दिल्ली गैंगरेप के मुख्य आरोपी राम सिंह की मौत फांसी से ही हुई थी। प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, फांसी लगाने से राम सिंह का दम घुट गया और उसकी मौत हो गई। रामसिंह सिंह के शव का पोस्टमॉर्टम मंगलवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में तीन डाक्टरों की टीम ने किया।
प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया है कि रामसिंह के शरीर पर किसी प्रकार के चोट के निशान नहीं थे। हालांकि रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि रामसिंह ने खुदकुशी की है अथवा उसे किसी अन्य ने फंदे से लटकाया है।
गौरतलब है कि सोमवार को तड़के रामसिंह का शव तिहाड़ जेल में पाया गया। उसने रविवार-सोमवार की रात फांसी लगाकर जान दे दी। जेल नंबर तीन के कसूरी वार्ड दो की सेल में बंद राम सिंह का शव सुबह 5:10 बजे बैरक के बरामदे में झूलता मिला।
हालांकि राम सिंह के पिता मांगे लाल ने टीवी चैनलों से बातचीत में आरोप लगाया कि राम सिंह की हत्या की गई है। राम सिंह के परिजनों और वकीलों ने उसकी हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की है।
प्लास्टिक की रस्सी और दरी का बनाया फंदा
सूत्रों के मुताबिक राम सिंह (35) ने डिब्बों को पैक करने में इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक की रस्सी और दरी के धागों से फंदा तैयार किया। बैरक के बरामदे में आठ फीट की ऊंचाई पर लगी जिस रॉड पर उसने रस्सी बांधी वहां तक पहुंचने के लिए उसने प्लास्टिक की बाल्टी का इस्तेमाल किया।
सूत्रों ने बताया कि राम सिंह के साथ सेल में दो और कैदी बंद थे। लेकिन उन्हें घटना की भनक तक नहीं लगी। बताया जा रहा है कि राम सिंह पिछले कुछ दिनों से परेशान दिख रहा था। कई सवालों के उठने के बाद तिहाड़ प्रशासन के अलावा दिल्ली पुलिस व मजिस्ट्रेट ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
राम सिंह उस बस का ड्राइवर था, जिसमें 16 दिसंबर को युवती के साथ दरिंदगी की गई थी। घटना के बाद तिहाड़ में बंद मामले के चार आरोपियों पवन, विनय, मुकेश और अक्षय की निगरानी बढ़ा दी गई है। इन सभी आरोपियों के साथ राम सिंह की सोमवार को भी कोर्ट में पेशी होनी थी। इस मामले में छठा आरोपी नाबालिग है।