यूपीए-दो की सबसे बड़ी ‘कैबिनेट सर्जरी’ में 17 नए चेहरों के साथ 22 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। इसमें दो नए चेहरों के साथ सात कैबिनेट मंत्री और दो स्वतंत्र प्रभार के राज्यमंत्री शामिल हैं।
इस फेरबदल को विपक्षी दलों ने बेकार की कवायद करार दिया। यहां हम बता रहे हैं कि किस मंत्री ने कौन सा पोर्टफोलियो संभाला और इस फेरबदल पर विपक्षी दल के नेताओं ने क्या दी प्रतिक्रिया-
नए कैबिनेट मंत्री
- के रहमान खान : अल्पसंख्यक मामले
- दिनेश जे पटेल : खान
- अजय माकन : आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्री
- एमएम पल्लम राजू : मानव संस्थान विकास
- अश्विनी कुमार : कानून और न्याय
- हरीश रावत : जल संसाधन
- चंद्रेश कुमारी कोटच : संस्कृति
स्वतंत्र प्रभार (राज्य मंत्री)
- मनीष तिवारी : सूचना और प्रसारण
- के चिरंजीवी : पर्यटन
नए राज्य मंत्री
- शशि थरूर : मानव संसाधन विकास
- के सुरेश : श्रम और रोजगार
- तारिक अनवर : कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग
- केजे सूर्य प्रकाश रेड्डी : रेल
- रानी नराह : आदिवासी मामले
- अधीर रंजन चौधरी : रेल
- एएच खान चौधरी : स्वास्थ्य और परिवार कल्याण
- एस सत्यनारायण : सड़क परिहवन और राजमार्ग
- निनोंग इरिंग : अल्पसंख्यक मामले
- दीपा दासमुंशी : शहरी विकास
- पी बलराम नायक : सामाजिक न्याय और अधिकारिता
- के कृपारानी : संचार और सूचना प्रौद्योगिकी
- लालचंद कटारिया : रक्षा
जिनका हुआ प्रमोशन
- सलमान खुर्शीद : देश के कानून मंत्री से विदेश मंत्री बने
- एमएम पल्लम राजू : रक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री से देश के मानव संस्थान विकास मंत्री बने
- अजय माकन, पल्लम राजू, दिनशा पटेल, अश्विनी कुमार और हरीश रावत : राज्य मंत्री के रैंक से बढ़ कर
कैबिनेट में शामिल
- पवन कुमार बंसल : संसदीय मामलों के मंत्री से रेलमंत्री बनाए गए
- कमलनाथ : शहरी विकास के साथ संसदीय मामलों का मंत्रालय मिला
- मनीष तिवारी : कांग्रेस प्रवक्ता से मंत्री परिषद में, सूचना और प्रसारण मंत्रालय (राज्य मंत्री) का स्वतंत्र प्रभार मिला
- सचिन पायलट और ज्योतिरादित्य सिंधिया : राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बने। पायलट को कारपोरेट मामले और सिंधिया को विद्युत मंत्रालय
सबसे ज्यादा फायदा
- आंध्र प्रदेश : 22 में से छह मंत्री आंध्र प्रदेश से। अगले साल होने वाले चुनाव और तेलंगाना मुद्दे के कारण सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व। पांच नए चेहरे और एक को राज्यमंत्री से कैबिनेट मंत्री (पल्लम राजू) का दर्जा। नए चेहरे हैं : चिरंजीवी, केजे सूर्यप्रकाश रेड्डी, एस सत्यनारायण, पी बलराम नायक, के कृपारानी।
- पश्चिम बंगाल : तृणमूल कांग्रेस के सरकार से अलग होने के कारण खाली हुए छह मंत्री पदों में से तीन को इसी राज्य से भरा गया। अधीर आर चौधरी, दीपा दासमुंशी और एएच खान चौधरी नए राज्य मंत्री बने।
- अरुणाचल प्रदेश : राज्य से दो मंत्री आए। निनोंग इरिंग और
मंत्रिमंडल की पांच प्रमुख बातें
1 - एक तरफ हिंदी प्रदेशों की उपेक्षा मंत्रिमंडल में नजर आई, वहीं दक्षिण में कांग्रेस ने अपने किले को मजबूत करने के लिए वहां से ज्यादा मंत्री बनाए।
2 - पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की चुनौती से निपटने की तैयारी के चलते वहां से तीन मंत्री बनाए। ममता को चुनौती देने वाली दीपा दासमुंशी को भी जगह।
3 - राहुल बिग्रेड को तवज्जो। सिंधिया और पायलट को तरक्की मिली। मनीष तिवारी को मंत्रिमंडल में पहली बार जगह। जितिन प्रसाद, मिलिंद देवड़ा, आरपीएन सिंह और डी पुरंदेश्वरी को बनाए रखा गया।
4 - यह मंत्रिमंडल पूरी तरह से कांग्रेस का शो था। 22 में केवल एनसीपी के तारिक अनवर मंत्री पद की शपथ लेने वालों में एकमात्र गैर-कांग्रेसी थे। फिलहाल वह महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद हैं।
5 - यूपीए-2 का यह पांचवा मंत्रिमंडल फेरबदल था। प्रधानमंत्री ने इसके बाद साफ कर दिया कि आगामी चुनावों से पहले यह परिवर्तन की आखिरी गतिविधि थी। साफ हो गया है कि वह चुनाव में इन मंत्रियों की फौज के साथ उतरेंगे।
हिंदी में शपथ
समारोह में ज्यादातर मंत्रियों ने जहां अंग्रेजी में शपथ ली वहीं अरुणाचलप्रदेश से सांसद निनांग ईरींग ने शुद्ध हिंदी और स्पष्ट उच्चारण में शपथ ले कर सबको चौंका दिया। वही नहीं पश्चिम बंगाल की दीपादास मुंशी ने भी अपनी परिष्कृत हिंदी के शपथ के साथ तारीफें बटोरी। आंध्रप्रदेश के सांसद पी बलराम नायक ने भी हिंदी में ही शपथ ली। वैसे इसके लिए उन्हें खासी मशक्कत करनी पड़ी। बीच-बीच में अटकते नायक की राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सही उच्चारण कर मदद की।
वाड्रा के सवाल पर सोनिया ने कन्नी काटी
मंत्रियों के शपथ ग्रहण अवसर पर पहुंची कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मीडिया द्वारा उनके दामाद रॉबर्ट वाड्रा को लेकर पूछे गए सवालों से कन्नी काट ली। वाड्रा पर इंडिया अगेंस्ट करप्शन के अरविंद केजरीवाल द्वारा हरियाणा में नियमों को ताक पर रख कर भूमि खरीद के आरोप लगाए थे। साथ ही उनकी प्रियंका गांधी से शादी के बाद तेजी से बढ़ी संपत्ति पर अंगुली उठाई थी। तब से वाड्रा की कंपनियों की जांच की मांग राजनीति के गलियारों में उठ रही है। मगर सोनिया सवालों को अनसुना कर आगे बढ़ गईं। (एजेंसी)
कोट
- मैं राहुल गांधी को भी अपने मंत्रिमंडल में शामिल करना चाहता था लेकिन वह पार्टी को मजबूत बनाने के लिए काम करते रहना चाहते हैं। हमें पार्टी को मजबूत बनाने वाले नेताओं की जरूरत है, ऐसे में जो लोग मंत्रिमंडल छोड़ कर संगठन में काम करने आए हैं उनका महत्व कतई कम नहीं हो जाता। जहां तक चुनाव की बात है तो मुझे लगता है कि वे समय पर (2014 में) ही होंगे।
-मनमोहन सिंह, प्रधानमंत्री
मंत्रिमंडल फेरबदल जिस तरह से मध्य प्रदेश को नजरअंदाज किया गया है उससे दिल टूट गया है। लेकिन इसके बावजूद हम निराश नहीं हैं। राज्य में हम पार्टी को मजबूत बनाने के लिए काम करते रहेंगे।
- दिग्विजय सिंह, कांग्रेस महासचिव
- इस फेरबदल से देश या कांग्रेस पार्टी का कोई भला नहीं होने जा रहा है। उम्मीद की जा रही थी कि प्रधानमंत्री अपने साथ युवाओं को मौका देंगे लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ है। युवाओं को केवल राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया। यह फेरबदल फीका है।
शाहनवाज हुसैन, भाजपा प्रवक्ता
-यह फेरबदल म्यूजिकल चेयर की तरह है। इसमें भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने के साथ तरक्की भी दी गई है। क्या सलमान खुर्शीद को इसलिए विदेश मंत्री बना दिया गया कि वे कानून मंत्री के रूप में असफल रहे या फिर बतौर कानून मंत्री उन्होंने इतना अच्छा काम किया कि प्रमोशन दे दिया गया?
- अरविंद केजरीवाल, इंडिया अगेंस्ट करप्शन के नेता