यूपीए सरकार के अब तक के सबसे बड़े मंत्रिमंडल फेरबदल के तीन दिन बाद भी मंत्रियों के विभागों में हेरफेर जारी है। लालचंद कटारिया को रक्षा मंत्रालय से हटाकर ग्रामीण विकास राज्य मंत्री बनाया गया है। कटारिया ने बुधवार को अपना कामकाज संभाल लिया। इसके साथ ही दो अन्य राज्यमंत्रियों पनबाका लक्ष्मी और मिलिंद देवड़ा के भी विभाग बदले गए हैं। पनबाका को पेट्रोलियम मंत्रालय तो देवड़ा को जहाजरानी मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
तमाम अटकलों के बाद कटारिया ने बुधवार को अपना पदभार संभाल लिया। कटारिया को पहले रक्षा मंत्रालय में राज्यमंत्री बनाया गया था। मगर एक ही मंत्रालय में राजस्थान से दो मंत्री होने पर सवाल उठने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने उन्हें पदभार ग्रहण करने से रोक दिया था। उधर, कपड़ा राज्य मंत्री पनबाका लक्ष्मी को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में भेजा गया है, जबकि दूरसंचार और सूचना तकनीक मंत्री मिलिंद देवड़ा को जहाजरानी मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
रविवार को मनमोहन सरकार के मंत्रिमंडल फेरबदल के बाद बुधवार तक भी मंत्रियों के विभागों में फेरबदल का क्रम जारी रहा। सोमवार को जयपाल रेड्डी के मंत्रालय बदलने पर नाराजगी को लेकर विवाद छिड़ गया था। जयपाल के मंत्रालय बदलने पर विपक्ष और एक सामाजिक संगठन ने सरकार पर उद्योगपतियों के इशारों पर काम करने का आरोप लगाया था। इसके बाद से आनन-फानन में जयपाल रेड्डी को मनाकर उनसे नए मंत्रालय का पदभार दिलवाया गया।
मगर मंगलवार को कटारिया को प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से पदभार लेने पर रोक की बात सामने आई। माना जाता है कि रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने एक ही मंत्रालय में राजस्थान से दो मंत्रियों की तैनाती पर ऐतराज जताया था। रक्षा मंत्रालय में राजस्थान से ही जितेंद्र सिह भी राज्य मंत्री के तौर पर तैनात हैं। हालांकि सूत्र कह रहे है कि खुद कटारिया ने इस सिलसिले में प्रधानमंत्री से मुलाकात कर उनको दूसरे विभाग में भेजने की गुजारिश की थी। बुधवार को कटारिया ने ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश की मौजूदगी में पदभार संभाल लिया।