ताज ट्रेपीजियम जोन अथॉरिटी क्षेत्र में बढ़ रहे औद्योगिक प्रदूषण से ताजमहल पर विपरीत असर पड़ रहा है। एक संसदीय समिति ने इस पर चिंता जाहिर करते हुए ताज की सुंदरता को बनाए रखने के लिए कई सुझाव दिए हैं। समिति ने पर्यावरण मंत्रालय से प्राधिकरण को सही ढंग से काम करने के लिए जरूरी सुविधाएं, आर्थिक सहयोग तथा मैन पावर देने की मांग की है।
विज्ञान एवं तकनीक तथा पर्यावरण एवं वन पर संसद की स्थायी समिति ने कहा है कि सरकार को अवैध रूप से खुल रहे उद्योग-कारखानों के मामलों को देखना चाहिए। ये कारखाने प्रदूषण नियमों का पालन नहीं करते हैं और सल्फर, नाइट्रोजन डाइक्साइड तथा पेट्रो कोक उत्सर्जित करते हैं। सरकार को इनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने के साथ निषेधात्मक कदम भी उठाने चाहिए। सभी कारखानों में एयर पॉल्यूशन कंट्रोल सिस्टम लगाया जाए।
समिति के अध्यक्ष पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार ने ताज ट्रेपीजियम जोन में प्रशासनिक ढांचे के अभाव पर चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि इसके कारण प्राधिकरण के निर्णय को लागू करने में कठिनाई आती है।