चुनावों में धन बल के बढ़ते उपयोग को लेकर चिंता के बीच अधिकतर राजनीतिक दलों ने शुक्रवार को चुनाव सुधार जल्द शुरू किए जाने की मांग की।
राजनीतिक दलों का मानना है कि ऐसा करने से चुनावों में काले धन के उपयोग पर अंकुश लग सकेगा, साथ ही आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों के चुनाव लड़ने पर भी रोक लगाई जा सकेगी।
राजनीतिक दलों ने ईवीएम से मतदान पर्ची मिलने की व्यवस्था शुरू करने का समर्थन किया और मांग की कि चुनाव सुधार अगले आम चुनाव के पहले ही लागू किए जाएं।
चुनाव आयोग द्वारा यहां आयोजित सर्वदलीय बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने विभिन्न मीडिया चैनलों पर दिखाए जाने वाले ओपिनियन पोल पर रोक लगाने की भी मांग की।
उन्होंने प्रमुख चुनाव सुधारों को लागू किए जाने में बरती जा रही ‘शिथिलता’ पर चिंता जताई और उपायों पर विचार विमर्श के लिए अलग से बैठक बुलाए जाने की मांग की।
ईवीएम से मतदान पर्ची मिलने की व्यवस्था पर विचार विमर्श के लिए हुई बैठक में कुछ पार्टियों ने इस्तेमाल किए जाने वाले कागज और प्रिंटिंग की गुणवत्ता पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि कागज की गुणवत्ता ऐसी होनी चाहिए जो विवाद या अदालती मुकदमे की स्थिति में कुछ साल तक रह सके। मतदान पर्ची के लिए थर्मल पेपर के इस्तेमाल पर सवाल करते हुए राजनीतिक दलों ने कागज एवं प्रिंटिंग में सुधार लाए जाने की मांग की ताकि विवाद की स्थिति में इसे रिकार्ड के रूप में सुरक्षित रखा जा सके।
इस सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस, भाजपा, सपा, माकपा, जेडी-एस, बसपा, टीडीपी सहित अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत, चुनाव आयुक्त एचएस ब्रह्मा और एस एन ए जैदी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।