उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर में पत्रकार जगेंद्र सिंह की बुरी तरह जलने से हुई मौत से राजनीति हलकों में अफ़रा-तफ़री मचा दी है। एक
जून को जगेंद्र सिंह के घर पर पुलिस का छापा पड़ा था। इसके बाद आग से बुरी
तरह से झुलसे हुए जगेंद्र सिंह को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ
उन्होंने दम तोड़ दिया। जगेंद्र ने उत्तर प्रदेश के मंत्री राममूर्ति
वर्मा की कथित अवैध खनन गतिविधियों के बारे में सोशल मीडिया पर जानकारियां
पोस्ट की थीं।इसका जगेंद्र की मौत से कोई संबंध हो या न हो, जगेंद्र का परिवार दहशत में है और पुलिस वालों को जगेंद्र की मौत का दोषी मानता है।
पैसे लेकर रफा दफा करो मामला
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक पुलिस ने मंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा, इंस्पेक्टर श्रीप्रकाश राय और चार दूसरे लोगों के विरूद्ध मामला दर्ज किया गया है, उन्हें सरकार ने निलंबित कर दिया है।
इस बीच जगेंद्र के लड़के राहुल ने आरोप लगाया है कि उनके परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है कि वो पैसे लेकर मामले को रफा-दफा करें.उन्होंने बीबीसी के साथ बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि जिस ज़िले के पुलिसकर्मियों पर आरोप हैं, अगर वही मामले की जांच भी करें तो इसमें न्याय मिलने में संदेह है। (फोटो में पीड़ित परिवार)
पुलिस सबूत मिटा देगी
मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए राहुल ने कहा, "पुलिस
सबूत मिटा देगी और उल्टे मेरे पापा को ही दोषी बना देगी. हम माननीय नरेंद्र
मोदी से इस मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हैं।"दर्दनाक मौत के
लिए जगेंद्र ख़ुद जिम्मेदार थे या प्रदेश सरकार के मंत्री राम मूर्ति सिंह
वर्मा या फिर स्थानीय पुलिस, यह अभी रहस्य बना हुआ है, हालाँकि जगेंद्र के परिजनों का आरोप है कि पांच पुलिसकर्मियों ने ही जगेंद्र को जलाया था.