राजस्थान में जोधपुर के मणई स्थित आश्रम में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म मामले में जोधपुर पुलिस ने बुधवार को अदालत में आसाराम व अन्य आरोपियों के खिलाफ 1011 से अधिक पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी।
इस दौरान आसाराम के साथ साजिशकर्ताओं में शामिल मुख्य सेवक शिवा, छिंदवाड़ा हॉस्टल की वार्डन शिल्पी व केयर टेकर शरद, रसोइया प्रकाश तथा अन्य आरोपी भी उपस्थित थे।
अदालत ने आसाराम सहित सभी आरोपियों को 16 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में जोधपुर सेंट्रल जेल भेज दिया और इसी दिन आरोपों पर बहस भी शुरू होगी।
चार्जशीट के आरोप यदि सिद्ध होते हैं, तो आसाराम को आजीवन कारावास तक की सजा भुगतनी पड़ सकती है।
अदालत के बाहर बड़ी संख्या में आसाराम समर्थक भी जमा थे, जिन्होंने जमकर हंगामा किया। पुलिस ने शांतिभंग के आरोप में कुछ समर्थकों को हिरासत में लिया है।
जोधपुर पुलिस आसाराम व अन्य आरोपियों को दोपहर करीब 1.45 बजे अदालत में पेश किया और कार्रवाई करीब पौने दो घंटे चली।
जोधपुर पुलिस की ओर से आसाराम और अन्य आरोपियों के खिलाफ 77 दिन में 1011 पन्नों की चार्जशीट तैयार की गई है, जिसमें मामले से जुड़े 121 दस्तावेज व 58 गवाहों की सूची भी शामिल है।
पाक्सो एक्ट के साथ दर्जन भर धाराएं
चार्जशीट में जोधपुर पुलिस ने पीड़िता के नाबालिग होने के कारण आसाराम के खिलाफ पाक्सो एक्ट के साथ आईपीसी के तहत दर्जनभर धाराएं भी जोड़ी हैं।
पुलिस ने मामले में आईपीसी की धारा 376/2(एफ), 376 (डी), 370 (4), 342, 354 अ, 506, 509/34, 120 ब के साथ जेजे एक्ट की धारा 23 व 26 तथा पाक्सो एक्ट की धारा 5(डी)/6, 5(जी)/6 व 7/8 के तहत चार्जशीट तैयार की है।