जब से 72 वर्षीय विवादास्पद आध्यात्मिक गुरु आसाराम बापू को जोधपुर लाया गया है, जोधपुर पुलिस के पास जरा फुरसत नहीं है।
मामले के सबूत जुटाने और आसाराम के हुड़दंगी समर्थकों को काबू करने में जुटी पुलिस मीडियाकर्मियों को झांसा देने के लिए नई-नई तरकीबें आजमा रही है।
हर रोज दो संवाददाता सम्मेलन के बावजूद मीडिया एक्सक्लूसिव फुटेज के लिए न जाने क्या-क्या कर रहा है और पुलिसकर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
आसाराम समर्थकों ने डीसीपी को दी धमकी
कसे हुए प्लान के तहत पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों को छकाने के लिए एक नकली आसाराम का सहारा लिया।
आसाराम को जहां स्थानीय अदालत से जेल ले जाया जा रहा था, वहीं सफेद धोती, शॉल और तौलिए से चेहरा ढंके नकली आसाराम को पुलिस वैन में बैठाया गया, ताकि मीडियाकर्मियों को भ्रम में डाला जा सके।
हैरानी की बात यह है कि मीडिया 3 किलोमीटर और कई घंटे तक इसी नकली आसाराम का पीछा करती रही। इस बीच पुलिस बस में आसाराम को सुरक्षित रास्ते से निकाल ले गई।
हालांकि, इसमें भी पोल खुल गई और कुछ मीडियाकर्मियों को इसका अंदाजा हो गया, जो फुटेज लेने के लिए बस पर चढ़ गए।