आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं को दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से मिलने की इजाजत मिल गई है। ये लोग ऑटो में नहीं, सरकारी बस में सीएम से मिलने जाएंगे।
'आप' के मनीष सिसौदिया ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल में 272 सदस्य होंगे। ये सदस्य दिल्ली के हर वार्ड (कुल 272) का प्रतिनिधित्व करेंगे।
बीच रास्ते में कार्यकर्ताओं को रोका
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को बीच रास्ते में ही प्रगति मैदान के पास भैरो रोड पर ही रोक दिया था। इस वजह से प्रगति मैदान के पास लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।
ये कार्यकर्ता बिजली और पानी के बढ़े बिलों के खिलाफ दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को सात लाख पत्र सौंपने जा रहे थे। ये पत्र दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं ने अरविंद केजरीवाल के आंदोलन के समर्थन में लिखे हैं। इन पत्रों को करीब 272 ऑटो रिक्शा में रखा गया है।
ये पत्र दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं ने अरविंद केजरीवाल के आंदोलन के समर्थन में लिखे हैं। इन पत्रों को करीब 272 ऑटो रिक्शा में रखा गया है। ऑटो काफिला को बीच में रोकने के बाद भैरो रोड पर ही समर्थक जमा हो गए हैं।
सीएम आवास के बाहर पहुंचे समर्थक
हालांकि टीवी चैनलों के मुताबिक केजरीवाल के कुछ समर्थक शीला दीक्षित के आवास के बाहर पहुंचने में सफल रहे। बाद में पुलिस की मदद से इन लोगों को वहां से हटा दिया गया। इनमें से कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
केजरीवाल से सहयोगी कुमार विश्वास पुलिस के इस रवैये से बेहद नाराज दिखे। विश्वास ने कहा कि दिल्ली पुलिस का रुख समझ में नहीं आ रहा है। हम सरकार से कोई सौदा नहीं करने जा रहे हैं।
केजरीवाल का अनशन जारी
इधर बिजली और पानी के बिलों की वृद्घि के खिलाफ आम आदमी के संयोजक अरविंद केजरीवाल का आज 10 वें दिन भी अनशन जारी है।
रविवार को अपनी सेहत के बारे में अरविंद ने कहा, 'अनशन का नौंवा दिन है, मैं ठीक हूं, फिट हूं। कमजोरी ज्यादा है और बोलने में तकलीफ हो रही है।
गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी 23 मार्च से राजधानी में बिजली बिलों में वृद्घि के खिलाफ आंदोलन कर रही है।
इसके लिए राजधानी के 272 वार्डों में धरना केंद्र बनाए गए हैं। इन वार्डों से लाखों लोगों ने केजरीवाल के आंदोलन और बिजली पानी के बढ़े बिलों के खिलाफ अपना मत व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री को सात लाख से ज्यादा पत्र लिखे हैं।