राजधानी दिल्ली के रोहताश नगर विधानसभा क्षेत्र में रविवार को आम आदमी पार्टी की होने वाली रैली को पुलिस ने परमीशन नहीं दिया है। आम आदमी पार्टी को इसकी सूचना शनिवार देर शाम फोन पर स्थानीय एसएचओ ने दिया। पुलिस को इसका कारण न बताए जाने पर पार्टी इसके बाद भी रैली करने के लिए कहा है।
अरविंद केजरीवाल आगामी विधासनभा को देखते हुए दिल्ली में अलग-अलग इलाके में रैली कर रहे है। इसी कड़ी में रविवार को रोहताश नगर में रैली का आयोजन होना था। मगर पुलिस ने अचानक शनिवार शाम को फोन पर रैली करने के लिए परमीशन देने से मना कर दिया।
आम आदमी पार्टी का कहना है कि उन्हें परमीशन क्यों नहीं मिला इस बारे में पुलिस ने कोई कारण नहीं बताई । उनकी तरफ से बहुत पहले ही इस बारे में बता दिया गया। मगर अचानक से एक दिन पहले शाम को इस बारे में उन्हें बताया गया। पार्टी का कहना है कि परमीशन नहीं मिलने के बाद भी वह वहीं रैली करेंगे। जरूरत पड़ी तो थाने के सामने बैठकर धरना देगें।
'जल बोर्ड में दस हजार करोड़ का घोटाला'
बिजली का करंट देने के बाद अरविंद केजरीवाल ने सरकार को अब पानी-पानी कर दिया है। उन्होंने जल बोर्ड पर मुख्यमंत्री की निगरानी में पिछले आठ वर्षों में दस हजार करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने लोगों से फिर बिजली का बिल न देने की अपील की है।
केजरीवाल नजफगढ़ में शनिवार शाम एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण ही बीते आठ सालों में पानी के दाम 18 गुणा बढ़े हैं। 2004 में अगर 15 किलोलीटर पानी के लिए 73 रुपए बिल आता था, आज वह 1355 रुपए प्रतिमाह हो गया है। सोनिया विहार जल शोधन संयंत्र का उदाहरण देते हुए केजरीवाल ने कहा कि इस संयंत्र को सिर्फ 90 एमजीडी कच्चा पानी रोजाना मिलता है, जबकि इससे सप्लाई करीब 140 एमजीडी की होती है। उन्होंने सवाल किया कि करीब 50 एमजीडी पानी कहां से आया। इसे उन्होंने दिल्ली सरकार का चमत्कार बताया।
अरविंद ने कहा कि बहीखाता दुरुस्त करने के लिए लीकेज आदि से होने वाले नुकसान का सहारा लिया जाता है। उन्होंने नांगलोई के निर्माणाधीन निजी प्लांट पर भी सवाल उठाया, जिसे सरकार मुफ्त में बिजली-पानी दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 9 सालों में पानी सप्लाई में दस हजार करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है।
केजरीवाल ने बिजली व गैस की कीमतों पर पहले लगाए अपने आरोपों को आम लोगों के सामने रखा।
पार्टी की तरफ से किए गए एक सर्वे का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यह मानते हुए भी कि बिजली का बिल कम होना चाहिए, दिल्ली के 99 फीसदी लोग सरकारी कार्रवाई से डरते हैं। लोगों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि जिस मुल्क में आवाम डरी हो, उसका विकास नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि मुझे शीला दीक्षित, अनिल-मुकेश अंबानी से डर नहीं, डरी जनता को देखकर चिंता होती है। हमारी चुनौती लोगों का डर दूर करने, उन्हें बगैर सहारे के खड़ा करने की है।
उधर मुख्यमंत्री के संसदीय सचिव मुकेश शर्मा ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल झूठा आरोप लगा रहे हैं। राजनीतिक महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए निचले स्तर की राजनीति पर उतर आए हैं। बिजली को लेकर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने केजरीवाल से सवाल पूछा कि भ्रष्टाचार का आरोप लगाने के बाद वे चुप्पी क्यों साध लेते हैं। अगर उनके पास सबूत हैं तो वे अदालत क्यों नहीं जाते। इससे साफ है कि वे ब्लैकमेल करने की कोशिश करते हैं।