भीड़भाड़ वाली सड़कों पर अक्सर सुनने को मिलता है कि भारी ट्रैफिक जाम से एंबुलेंस समय पर अस्पताल नहीं पहुंची और मरीज की मौत हो गई।
लेकिन ऐसी ही खबरों के बीच चेन्नई में डॉक्टरों के साथ पुलिस का जो सहयोग देखने को मिला वह अपने आप में एक मिशाल बन गया।
पुलिस के इस सराहनीय सहयोग से डॉक्टरों को एक मरीज की जान बचाने में सफलता मिली है।
12 किमी की दूरी 13 मिनट में तय की एंबुलेंस ने
टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस और डॉक्टरों का यह पारस्परिक सहयोग उस वक्त देखने को मिला जब एक मरीज का हृदय ट्रांसप्लांट होना था और हृदय को 12 किमी स्थित दूसरे अस्पताल पहुंचाना था।
चेन्नई ट्रैफिक पुलिस ने एक इंसान की जान बचाने को गंभीरता से लिया और एंबुलेंस को समय से पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया। वहीं दोनों अस्पतालों के डॉक्टरों ने भी पुलिस के साथ बेहतर सामंजस्य बनाया जिससे समय पर हृदय प्रत्यारोपण को सफलता पूर्वक अंजाम दिया जा सका।
हालांकि इस दौरान पुलिस को ग्रीन कॉरिडोर में मिलने वाले सभी रास्ते बंद रखने पड़े जिसमें वहां के आम नागरिकों ने भी पुलिस का सहयोग किया।
सरकारी अस्पताल से प्राइवेट में पहुंचा हृदय
हार्ट ट्रांसप्लांट की इस पूरी प्रक्रिया में ह्रदय सरकारी अस्पताल से प्राइवेट अस्पताल सफलता पूर्वक पहुंचाया गया जहां मरीज भर्ती था।
हृदय को एक विशेष मशीन में रखकर 4 डिग्री तापमान पर एंबुलेंस शाम 6.44 बजे सरकारी अस्पताल से चली जो 12 किमी दूर प्राइवेट अस्पताल में 6.57 बजे यानि 13 मिनट 22 सेकंड में पहुंच गई।
आपको बता दें सामान्य ट्रैफिक में 12 किमी के इस रास्ते को तय करने में करीब 45 मिनट का वक्त लगता है।